
आज देश के सामने शक्ति की सप्तधारा का आवाहन करता हूं। आने वाले 5-7 साल में जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ। वो सप्तधारा से सामर्थ्य से शक्ति से देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे।
हमें मैन्यूफैक्चरिंग को आगे बढ़ाना होगा। हमें छोटे पुर्जे भी बनाने हैं। हमें कंपोनेंट से लेकर कंपलीट मैन्यूफैक्चरिंग तक चाहिए। हर उद्योग से मैं कहना चाहता हूं ग्लोबल मार्केट में हमारी पहचान विश्वसनीयता के साथ होनी चाहिए। क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
