प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थान की कार्यप्रणाली की हुई समीक्षा, मूल्यांकन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी

हनुमानगढ़। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के वित्तीय वर्ष 2025-26 की ग्रेडिंग प्रक्रिया बुधवार को आयोजित की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने संस्थान की सालभर की गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यप्रणाली और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप किए गए कार्यों की समीक्षा की। ग्रेडिंग प्रक्रिया के तहत विभिन्न मापदंडों के आधार पर संस्थान के प्रदर्शन का आकलन किया गया। अब मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद आरसेटी मुख्यालय की ओर से ग्रेडिंग का परिणाम घोषित किया जाएगा। ग्रेडिंग प्रक्रिया में ग्रेडिंग ऑफिसर विद्याशंकर, एजीएम प्रदीप कुमार, एलडीएम सुरेन्द्र सिंह तथा डीपीएम वैभव अरोड़ा शामिल हुए। अधिकारियों ने संस्थान की ओर से वित्तीय वर्ष के दौरान संचालित गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्य निष्पादन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्धारित मानकों के आधार पर संस्थान की उपलब्धियों और कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर आरसेटी निदेशक बिधुशंकर ने अधिकारियों के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान की ओर से किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्षभर संचालित गतिविधियों और संस्थान की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी साझा की। उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर अधिकारियों ने संस्थान के वार्षिक प्रदर्शन का आकलन करते हुए ग्रेडिंग प्रक्रिया पूरी की। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। संस्थान के माध्यम से युवाओं को विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे संस्थानों की नियमित ग्रेडिंग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, कार्य निष्पादन और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करने में मदद मिलती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की ग्रेडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके पश्चात आरसेटी मुख्यालय की ओर से ग्रेडिंग परिणाम जारी किया जाएगा। परिणाम घोषित होने के बाद संस्थान के वार्षिक कार्य निष्पादन और निर्धारित मापदंडों पर प्रदर्शन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
