
हनुमानगढ़। धाणका जनजाति संघर्ष समिति के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 368वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने से नाराज धाणका समाज के लोगों ने विरोध स्वरूप सामूहिक गिरफ्तारियां दीं। गिरफ्तारी से पहले जंक्शन स्थित धान मंडी में समाज की ओर से सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि धाणका समाज पिछले लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार एंव प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में धाणका समाज के लोगों को एसटी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने से समाज के हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से युवाओं के शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़े अवसरों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की ओर से मुख्यमंत्री, संबंधित विभागों तथा जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद मांग का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज ने लंबे समय तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के समक्ष रखी, लेकिन अब आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए सामूहिक गिरफ्तारियां देने का निर्णय लिया गया है।
सभा में आगामी निकाय एवं पंचायत चुनावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में निकाय एवं पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने की संभावना है। यदि आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार ने धाणका समाज की एसटी प्रमाण पत्र संबंधी मांग पर कोई प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई नहीं की, तो समाज की ओर से राजनीतिक स्तर पर विरोध किया जाएगा।
वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में धाणका समाज के लोग गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर लोगों को सरकार के रवैये की जानकारी देंगे तथा आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव में सरकार का विरोध करने का आह्वान करेंगे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सरकार द्वारा मांग की अनदेखी किए जाने की स्थिति में लिया जा रहा है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज का आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ शुरू नहीं किया गया था, बल्कि एसटी प्रमाण पत्र जारी करने के संवैधानिक अधिकार की मांग को लेकर शुरू हुआ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले मामले का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि समाज को आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
सभा के दौरान समाज के लोगों ने एकजुटता बनाए रखने और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक गिरफ्तारी देकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज करवाया। संघर्ष समिति ने कहा कि जब तक हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले में धाणका समाज के पात्र लोगों को एसटी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

