
हनुमानगढ़, अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों के निर्माण के लिए अनुदान की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान जिला कलक्ट्रेट पहुंचे और महापड़ाव शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर सरकार के प्रति अपना आक्रोश जताया। किसानों का कहना है कि अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों के निर्माण के लिए मिलने वाला अनुदान सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। किसान लंबे समय से इस अनुदान की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से उनकी मांग को लेकर लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। किसानों ने कहा कि जब तक डिग्गियों के अनुदान को लेकर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिकारियों ने समझाइश की, किसान मांग पर अड़े


महापड़ाव के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त करने और समझाइश का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने कहा कि खेती-किसानी पहले ही कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों को समय पर मिलना जरूरी है। किसानों ने अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों के अनुदान की प्रक्रिया जल्द शुरू करने और पात्र किसानों को इसका लाभ देने की मांग की।
25 अगस्त को ट्रैक्टर रैली का ऐलान
आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए किसानों ने 25 अगस्त 2026 को ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा की है। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर रैली के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाई जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि डिग्गियों के अनुदान को लेकर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महापड़ाव स्थल पर किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
