अटल भूजल योजना की बकाया राशि जारी करने की मांग; किसानों के आंदोलन के बीच राजनीतिक दबाव बढ़ा


हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत खेतों में बनाई गई डिग्गियों की लंबित अनुदान राशि को लेकर किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के विरोध में किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा से जुड़े नेताओं और चुनावी दावेदारों की ओर से भी किसानों के पक्ष में आवाज उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों का निर्माण करवाने के लिए अपनी पूंजी लगाने के साथ-साथ कर्ज भी लिया था। योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि समय पर नहीं मिलने से उन पर कर्ज और ब्याज का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद करीब दो साल से कई पात्र किसानों को अनुदान राशि का इंतजार है।
ट्रैक्टर रैली निकालकर जताया विरोध
बकाया अनुदान राशि के भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 26 अगस्त को हनुमानगढ़ में ट्रैक्टर रैली निकाली। रैली टाउन की धानमंडी से शुरू होकर जंक्शन और टाउन के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए भारत माता चौक तक पहुंची। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। किसानों ने बैरिकेड हटाकर रैली आगे बढ़ाई। इस दौरान कुछ किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच तनातनी की स्थिति भी बनी। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की।
कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समाधान नहीं
किसान नेताओं रायसाहब पचार और रेशम सिंह मानुका सहित अन्य नेताओं का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद भुगतान को लेकर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। किसानों का कहना है कि जब योजना के तहत डिग्गी निर्माण के लिए उन्होंने कर्ज लिया था तो सरकार की ओर से मिलने वाली अनुदान राशि का भुगतान भी समय पर होना चाहिए था। भुगतान में देरी के कारण ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
योजना की राशि को लेकर बड़ा मुद्दा
रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान में अटल भूजल योजना के तहत बड़ी संख्या में जल संरक्षण से जुड़े कार्य करवाए गए थे। योजना की अवधि समाप्त होने के बाद भी कई किसानों की अनुदान राशि लंबित बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में कृषि विभाग की करीब 138.70 करोड़ रुपए और उद्यानिकी विभाग की 76.16 करोड़ रुपए की राशि लंबित होने का उल्लेख है। दोनों विभागों को मिलाकर यह राशि करीब 214.86 करोड़ रुपए बताई गई है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पात्र किसानों की बकाया अनुदान राशि जारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि सरकार की ओर से जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस पूरे मामले के बीच भाजपा से जुड़े नेताओं और चुनावी दावेदारों की ओर से भी किसानों की मांग का समर्थन किए जाने से मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। अब किसानों की नजर सरकार और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है।
