
नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी पर कई शुभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बनेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और हर्षण योग भी बन रहा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि के चंद्रमा की स्थिति में हुआ था। इस वर्ष जन्माष्टमी पर भी इसी तरह का संयोग बनने की बात कही जा रही है।
इन 4 राशियों के लिए शुभ रहेगा समय
वृषभ राशि:
जन्माष्टमी पर चंद्रमा वृषभ राशि में ही रहेंगे। इस संयोग से आत्मविश्वास बढ़ने और लंबे समय से अटके कार्यों में गति आने की संभावना बताई गई है। आर्थिक लाभ के भी योग बन सकते हैं।
सिंह राशि:
सर्वार्थ सिद्धि और हर्षण योग सिंह राशि के जातकों के लिए करियर और कारोबार में नए अवसर ला सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और व्यापार विस्तार की योजना बनाने वालों के लिए समय अनुकूल बताया गया है।
वृश्चिक राशि:
यह संयोग दांपत्य जीवन और साझेदारी से जुड़े मामलों के लिए शुभ माना जा रहा है। व्यापार में नए सौदे होने और अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना जताई गई है।
मकर राशि:
मकर राशि के जातकों के लिए यह समय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से अच्छा रह सकता है। परिवार में सुख-शांति के साथ आय के नए स्रोत बनने के योग बताए गए हैं।
जन्माष्टमी पर करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी की मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें तुलसी पत्र और माखन-मिश्री अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में स्थित चंद्रमा को अर्घ्य देकर “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का जाप करने की सलाह दी गई है।
नोट: राशियों और ज्योतिषीय उपायों से जुड़े परिणाम धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।
