
हनुमानगढ़। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को भक्तिमय माहौल देखने को मिला। मंदिरों के साथ विभिन्न स्थानों पर बनाए गए पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणपति बप्पा के जयकारों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की। राजस्थान के लिए उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त लगभग 11:08 बजे से 1:36 बजे तक रहा।
सुबह से मंदिरों में पहुंचने लगे श्रद्धालु
गणेश चतुर्थी को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। लोगों ने पूजा की तैयारियां पूरी कर भगवान गणेश की प्रतिमा को फूलों, मालाओं और आकर्षक सजावट के साथ पंडालों में विराजमान कराया। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया।
मंत्रोच्चार के बीच हुई प्रतिमाओं की स्थापना
पंडालों में पंडितों की मौजूदगी में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कराई गई। पूजा के दौरान गणपति का आह्वान, मंत्रोच्चार, आरती और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
आकर्षक सजावट से सजे पूजा पंडाल
गणेशोत्सव को लेकर विभिन्न स्थानों पर पूजा पंडालों को आकर्षक तरीके से सजाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और सजावटी सामग्री से पंडालों को नया रूप दिया गया। प्रतिमा स्थापना के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा माहौल
प्रतिमा स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कई स्थानों पर गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारियां भी की गई हैं।
10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव
गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ गणेशोत्सव अनंत चतुर्दशी तक चलता है। 2026 में गणेश विसर्जन के लिए 25 सितंबर की तारीख बताई गई है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार गणपति की पूजा-अर्चना करेंगे और निर्धारित दिन प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे।
पूजा में इन चीजों का किया गया उपयोग
गणेश पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल, चंदन, मोदक और अन्य प्रसाद अर्पित किए। इसके बाद विधिवत आरती कर प्रसाद बांटा गया।
मुख्य बातें
- 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया गया।
- मंदिरों और पूजा पंडालों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हुई।
- मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ गणपति का स्वागत किया गया।
- पंडालों को फूलों और रोशनी से सजाया गया।
- श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना की।
- गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन के साथ होगा।
