
हनुमानगढ़। जिले के एक गांव में अध्यापन कार्य कर रहे डॉ. चन्द्रपाल देहदू को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘शिक्षक सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह उदयपुर में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षक के रूप में डॉ. देहदू को सम्मानित किया गया।
उदयपुर में हुआ सम्मान समारोह
जानकारी के अनुसार रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर उदयम की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में डॉ. चन्द्रपाल देहदू को शिक्षा के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
संयुक्त निदेशक ने प्रदान किया सम्मान-पत्र
समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा विभाग उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक नरेंद्र यादव रहे। उन्होंने डॉ. चन्द्रपाल देहदू को सम्मान-पत्र प्रदान किया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को लेकर भी चर्चा हुई।
शिक्षा और विद्यार्थियों के विकास में योगदान
आयोजकों के अनुसार डॉ. देहदू द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे प्रयास, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए किए गए कार्य सम्मान का प्रमुख आधार रहे। शिक्षक के रूप में उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया।
विद्यार्थियों की सफलता को बताया शिक्षक की असली उपलब्धि
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. चन्द्रपाल देहदू ने कहा कि शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और बेहतर भविष्य निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने सम्मान के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान शिक्षकों को अपने कार्य के प्रति और अधिक जिम्मेदारी एवं उत्साह के साथ काम करने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्य बिंदु
- डॉ. चन्द्रपाल देहदू को ‘शिक्षक सम्मान-2026’ मिला।
- सम्मान समारोह का आयोजन उदयपुर में किया गया।
- कार्यक्रम रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर उदयम की ओर से आयोजित हुआ।
- शिक्षा विभाग उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक नरेंद्र यादव ने सम्मान-पत्र प्रदान किया।
- शिक्षा के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान को सम्मान का आधार बताया गया।
- डॉ. देहदू ने विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव को शिक्षक की बड़ी उपलब्धि बताया।
