जिले के सभी विद्युत उपखंडों में सहायक अभियंताओं को सौंपे प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन

हनुमानगढ़। कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और निगम हित से जुड़े 11 सूत्रीय मांग-पत्र के शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ ने आंदोलन का पहला चरण शुरू कर दिया है। शुक्रवार को संगठन की ओर से हनुमानगढ़ जिले के विभिन्न विद्युत उपखंडों में प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम के नाम ज्ञापन संबंधित सहायक अभियंताओं को सौंपे गए।संगठन की ओर से हनुमानगढ़ टाउन, हनुमानगढ़ शहर, हनुमानगढ़ ग्रामीण, गोलूवाला, पीलीबंगा, रावतसर, पल्लू, गोगामेड़ी, नोहर शहर व ग्रामीण, भादरा शहर व ग्रामीण तथा संगरिया शहर व ग्रामीण सहित संबंधित विद्युत उपखंडों में ज्ञापन प्रस्तुत किए गए।
प्रांतीय कार्यसमिति बैठक में लिया गया था आंदोलन का निर्णय
संगठन ने बताया कि 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सोजत रोड, पाली में आयोजित प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत 11 सूत्रीय मांग-पत्र को लेकर आंदोलन के प्रथम चरण में ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई की गई।
अनुकम्पा नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़ी मांगें
ज्ञापन में वर्ष 1996 से 2019 तक के शेष पात्र अनुकम्पा नियुक्त कर्मचारियों को एलडीसी पद पर समायोजित करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति, वर्क चार्ज तथा लंबित डीपीसी और रिव्यू डीपीसी का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई।
संगठन ने अंतर-डिस्कॉम मानवीय स्थानांतरण नीति लागू करने तथा विधवा, आश्रित और दुर्घटना के कारण दिव्यांग हुए कर्मचारियों को स्थानांतरण में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई।
मीटर लैब कर्मचारियों को सेवा लाभ देने की मांग
ज्ञापन में मीटर लैब में वर्ष 1993, 1994 और 1995 के आईटीआई धारक मीटर रीडर कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से टाइम स्केल एवं सेवा लाभ देने की मांग की गई। लंबित मामलों में पुनः विकल्प का अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही मीटर लैब, विजिलेंस, सिविल/टेक्निकल ऑडिट, ट्रेनिंग विंग और स्टोर्स में आवश्यक तकनीकी पद सृजित करने की मांग भी रखी गई।
एसीपी, भत्तों और आरजीएचएस को लेकर भी मांग
संगठन ने एसीपी का 3, 12, 21 और 30 वर्ष का लाभ नियुक्ति तिथि से देने की मांग की। इसके अलावा हार्ड ड्यूटी अलाउंस, ओवरटाइम और अन्य लंबित भत्तों का भुगतान करने तथा वर्ष 2004 के कर्मचारियों को आरजीएचएस कैशलेस सुविधा और ओपीएस के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की गई।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
ज्ञापन में 33/11 केवी जीएसएस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बाउंड्री वॉल, सेफ्टी किट और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने स्थायी तकनीकी कार्यों के ठेकाकरण की समीक्षा करने की आवश्यकता जताई। नवनियुक्त टेक्नीशियन-III एवं अन्य तकनीकी कर्मचारियों को फील्ड ड्यूटी पर भेजने से पहले अनिवार्य सेफ्टी ट्रेनिंग, पीपीई और सुपरवाइज्ड ट्रेनिंग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग
संगठन ने एफआरटी, बीआई-सीटीएस, आरडीएसएस/एएमआईएसपी तथा ठेका एवं सामग्री से संबंधित तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और तकनीकी ऑडिट कराने की मांग रखी। इसके साथ ही पुराने कार्यालय भवनों में पेयजल, शौचालय, फर्नीचर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमित कर्मचारी शिकायत निवारण एवं सुरक्षा प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई जोधपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष आत्माराम, कोषाध्यक्ष लखबीर सिंह पुन्नी, संयुक्त महामंत्री सुशील कुमार, विजेंद्र कुमार पुनिया सहित संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में की गई। संगठन ने कहा कि यदि 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र एवं समयबद्ध सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के आगामी चरणों को निगम क्षेत्र में और व्यापक किया जाएगा।
