गौशाला परिसर में गूंजे भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे, भजनों पर झूमे भक्त

हनुमानगढ़। श्री गौशाला सेवा समिति, अबोहर रोड, हनुमानगढ़ जंक्शन की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को गौशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित कथा में बाल संत हरिदास महाराज, ऋषिकेश वालों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा गौशाला परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा। बाल संत हरिदास महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का बाल स्वरूप वात्सल्य, प्रेम और आनंद का प्रतीक है। उन्होंने गोकुल में श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान की नटखट लीलाओं ने गोकुलवासियों के जीवन में प्रेम और भक्ति का संचार किया। उन्होंने कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला में मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश निहित है। महाराज ने श्रीकृष्ण के ग्वाल-बालों के साथ खेलने, माता यशोदा के साथ वात्सल्यपूर्ण प्रसंगों तथा ब्रजवासियों की भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का वर्णन किया। कथा के दौरान इन प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भजनों की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और भक्तिभाव में झूमते नजर आए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मनुष्य को प्रेम, करुणा, सरलता और सेवा का संदेश देती हैं। जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने धर्म और कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, गौसेवा, परोपकार और सभी के प्रति प्रेम की भावना रखना भी भक्ति का ही स्वरूप है।
महाराज ने श्रद्धालुओं से अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर सदाचार एवं धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार करता है और उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने की प्रेरणा देता है।
कथा के दौरान गौशाला परिसर में पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। गौशाला अध्यक्ष इंद्र हिसारिया ने बताया कि कथा का आयोजन 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। उन्होंने शहरवासियों एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करने और आध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया।
