मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान, युवाओं को शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर दिया जोर


हनुमानगढ़। नशामुक्त भारत के निर्माण और समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला औषधि नियंत्रक एवं जिला केमिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। टाउन स्थित श्री सनातन धर्म महावीर दल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशे को समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीसी अजय कुमार सबल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में हनुमानगढ़ टाउन थाना प्रभारी लखबीर सिंह और डीसीओ चंद्रकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश बंसल ने की। मंच संचालन एसोसिएशन के जिला महासचिव महेंद्र काशनिया ने किया। कार्यक्रम की थीम ‘नशामुक्त भारत अभियान : विकसित भारत की पहचान’ और ‘नशामुक्त भारत, खुशहाल भारत’ रही।
नशे की लत से प्रभावित होता है व्यक्ति का भविष्य
मुख्य अतिथि एडीसी अजय कुमार सबल ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। नशे की लत के कारण युवा अपनी क्षमता, ऊर्जा और प्रतिभा का सही उपयोग नहीं कर पाते, जिससे उनके भविष्य की संभावनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेलकूद और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार और समाज को भी बच्चों एवं युवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्हें सही दिशा दिखानी चाहिए। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
नशामुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिला महासचिव महेंद्र काशनिया ने कहा कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझे और इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाए। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परिवार, सामाजिक संगठनों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलकर नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करना चाहिए। जनजागरूकता के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने आमजन से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
अवैध तस्करी रोकने में सतर्कता जरूरी
हनुमानगढ़ टाउन थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सतर्कता बढ़ाने तथा आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें सहयोग करना चाहिए। उन्होंने दवा विक्रेताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दवाओं के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने तथा निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने में केमिस्ट समुदाय सहयोग कर सकता है। नशे से जुड़े अवैध कारोबार को रोकने और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूक नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है।
केमिस्ट अपनी जिम्मेदारी का जिम्मेदारी से करें निर्वहन
डीसीओ चंद्रकांत शर्मा ने दवा विक्रेताओं से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और दवाओं की बिक्री से संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता चिकित्सा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें दवाओं के उचित एवं सुरक्षित उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने में भी योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को जागरूक करने और नशामुक्त भारत अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला केमिस्ट एसोसिएशन के कैशियर हरपाल राय गर्ग सहित पवन सिंगला, पप्पू गोयल, राय साहब आहूजा, सतीश कटारिया, राम गोयल, अजय बंसल, कमल बंसल, अनिल अग्रवाल, प्रह्लाद हिसारिया, मदन बेनीवाल और सुभाष नोखवाल सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। सभी ने युवाओं को नशे से दूर रखने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संदेश रहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता, सामूहिक भागीदारी और जिम्मेदार व्यवहार के माध्यम से ही स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
