
हनुमानगढ़। टाउन की पावन धरा पर धार्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यहां पहली बार श्री बाबा खाटू श्याम जी की सत्य स्कंदपुराणोक्त कथा का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। इस दिव्य आयोजन का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
इस पावन कथा के यजमान नवीन सर्राफ एवं रुचि सर्राफ रहे, जिन्होंने पंडित रामनारायण शास्त्री के सानिध्य में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन-अर्चन कराया। शुभारंभ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं में गहरी आस्था, भक्ति और उत्साह देखने को मिला। वातावरण “श्याम बाबा की जय” के जयघोषों से गूंज उठा।
गौमाता के सानिध्य में आयोजन
फाटक गोशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पावन आयोजन फाटक गोशाला परिसर, बरकत कॉलोनी, भटनेर दुर्ग के पास गौमाता के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कथा न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि समाज में धर्म, संस्कार और गौसेवा के महत्व को भी जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
भव्य सजावट और भक्तिमय माहौल
आयोजन स्थल को आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी सजावट, पुष्पों से सुसज्जित मंच और भक्ति संगीत ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और शांतिपूर्वक कथा का रसपान किया।
ओजस्वी वाणी में कथा वाचन
इस दिव्य कथा का वाचन प्रसिद्ध कथा व्यास के.पी. लाटा, मोरछड़ी दरबार पदमपुर के निज सेवक, द्वारा किया जा रहा है। अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और भक्तिरस से परिपूर्ण वाणी के माध्यम से वे श्रद्धालुओं को शीश के दानी श्री खाटू श्याम जी की महिमा से परिचित करा रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने गोमाता की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि गोमाता की पुकार सुनकर भगवान श्री विष्णु ने उनकी रक्षा का वचन दिया और श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर गोमाता की रक्षा की।
22 फरवरी 2026 तक चलेगी कथा
आयोजकों ने बताया कि यह पावन कथा 22 फरवरी 2026 तक निरंतर चलेगी। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन सहजता से कथा श्रवण कर सकें।
धर्मप्रेमी जनता से अपील
आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाएं। कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करें और धर्म, भक्ति एवं गौसेवा के इस पावन संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में सहभागी बनें।
यह आयोजन निश्चय ही हनुमानगढ़ टाउन के धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन में एक स्मरणीय अध्याय के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।
