
हनुमानगढ़ टाउन फाटक गौशाला, बरकत कॉलोनी, भटने दुर्ग के समीप गौ माता के सानिध्य में पहली बार श्री खाटू श्याम बाबा जी की सत्य स्कंदपुराणोक्त कथा का भावपूर्ण आयोजन किया जा रहा है। इस पावन आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि हनुमानगढ़ की पावन धरा पर यह कथा पहली बार आयोजित हो रही है। आयोजन स्थल पर भक्तों की उपस्थिति और भक्ति भाव वातावरण को आध्यात्मिक बना रहा है।कथा के तीसरे दिन प्रसिद्ध कथा व्यास के. पी. लाटा ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और भक्तिरस से परिपूर्ण वाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को शीश के दानी खाटू श्याम बाबा की महिमा का रसपान करवा रहे है। वे मोरछड़ी दरबार पदमपुर के निज सेवक भी हैं। कथा में उन्होंने वीर बर्बरीक के अद्भुत चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सूर्यवर्चा से उत्पन्न वीर बर्बरीक ने मां दुर्गा चंडी के प्रथम भक्त विजय नामक ब्राह्मण देवता की आराधना को पूर्ण करवाया। इसके साथ ही उन्होंने सतजीर्वा, दर्दुहा सहित नौ करोड़ राक्षसों के वध और महीसागर संगम तीर्थ में की गई साधना का भी विस्तार से वर्णन किया। कथा में आगे प्रसंग आया जब वीर बर्बरीक ने चंडी सरोवर पर अपने दादा भीमसेन जी से युद्ध किया तथा भगवान शंकर की कृपा से भीमेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की। कथा व्यास ने इन प्रसंगों को इतने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया कि श्रोता मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे। इस अवसर पर व्यास जी ने गोमाता संरक्षण का विशेष संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आजकल कई लोग खाने-पीने का सामान प्लास्टिक की थैलियों में डालकर कचरे में फेंक देते हैं, जिसे गोमाता अपना आहार समझकर खा लेती है। इससे गोमाता की असमय मृत्यु हो रही है। उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि कभी भी खाने का सामान प्लास्टिक थैलियों में डालकर न फेंकें, ताकि गोमाता की रक्षा हो सके। कथा से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ हुआ। फाटक गौशाला के सचिव नरोत्तम सिंगला ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक निरंतर जारी है। उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा सुनने, पुण्य लाभ अर्जित करने तथा धर्म, भक्ति और गोमाता संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। आज कथा के समापन पर भव्य आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
