
हनुमानगढ़ । जिला सलाहकार समिति (डीएलसी) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य कमजोर वर्गों को सरकारी योजनाओं के तहत अधिक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने की।
एडीएम मीणा ने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को दिए गए ऋण के कम प्रतिशत पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने हालांकि बैंकों द्वारा वार्षिक साख योजना के 80.34 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर संतोष जताया। एडीएम ने बैंक अधिकारियों को मार्च माह तक अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ऋण वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और गरीब, कमजोर वर्ग तथा महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक अखिलेश तिवारी ने बैठक में बैंकिंग व्यवसाय प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2030 तक महिला बैंक बीसी (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) की भागीदारी 30 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर दिया। तिवारी ने क्रेडिट और डिपॉजिट में अपेक्षित वृद्धि न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंकों को जमा राशि बढ़ाने के प्रयास करने को कहा।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दयानंद काकोड़िया ने न्यू एएमआई योजना, एग्रीक्लिनिक एग्रीबिजनेस सेंटर योजना, एआईएफ और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों के तहत निवेश ऋण बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के लिए आम लोगों को जागरूक करने हेतु शिविर आयोजित करने की भी सलाह दी।
बैठक में जनप्रतिनिधि दयाराम जाखड़, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक बलविंदर सिंह, राजस्थान ग्रामीण बैंक के महेश गोयल, राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक वैभव अरोड़ा, जिला उद्योग केंद्र की जीएम दिव्या शर्मा सहित विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
