
हनुमानगढ़। जिले के गांव गुडिया निवासी संजय पिंडार ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे, मुंबई से धातुकर्म अभियांत्रिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को यह उपलब्धि हासिल की। संजय, श्री इंद्र सिंह पिंडार के पुत्र हैं और उनकी इस सफलता से परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
संजय का शोध कार्य निष्कर्षण धातुकर्म और इस्पात निर्माण की प्रक्रियाओं से संबंधित है। अपने शोध में उन्होंने इस्पात में बनने वाली सूक्ष्म अशुद्धियों, जिन्हें इन्क्लूजन कहा जाता है, के गठन और विकास को प्रभावित करने वाले विभिन्न प्रक्रिया मापदंडों का विस्तृत अध्ययन किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध उच्च गुणवत्ता वाले विशेष इस्पात के निर्माण को बेहतर तरीके से समझने में सहायक माना जा रहा है।
उन्होंने अपना यह शोध कार्य आईआईटी बॉम्बे में प्रोफेसर मनीष पांडे के मार्गदर्शन में पूरा किया। वर्तमान में संजय इसी संस्थान में शोध वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं और धातुकर्म व पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य जारी रखे हुए हैं।
संजय की शैक्षणिक यात्रा भी उल्लेखनीय रही है। पीएचडी से पहले उन्होंने एनआईएफएफटी रांची से धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की से इसी विषय में एमटेक की डिग्री प्राप्त की। लगातार मेहनत और शोध के प्रति समर्पण के चलते उन्होंने देश के शीर्ष संस्थानों में अध्ययन और शोध का अवसर प्राप्त किया।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवार के सदस्यों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि संजय की यह सफलता गांव और जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है, इसका उदाहरण संजय ने प्रस्तुत किया है।
