
हनुमानगढ़। क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बेबी हैप्पी मॉडर्न स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए हनुमानगढ़ को गौरवान्वित किया है। महाविद्यालय के होनहार एवं जुझारू छात्र दुर्लभ जोशी ने अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पेंचक सिलाट (मार्शल आर्ट खेल) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया।
हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में 9 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस उच्चस्तरीय प्रतियोगिता में जहां हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण था, वहीं दुर्लभ जोशी ने अदम्य साहस, बेहतरीन तकनीक, रणनीतिक कौशल और अनुशासित खेल का परिचय देते हुए एक-एक मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की।
कठिन संघर्षों से गुजरते हुए उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर रजत पदक पर कब्जा जमाया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और मेहनत का परिणाम है, बल्कि महाविद्यालय के खेल परिवेश और मार्गदर्शन की गुणवत्ता का भी प्रमाण है।
महाविद्यालय में हुआ भव्य सम्मान समारोह, गूंजा तालियों का शोर
इस ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रबंधन समिति, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। जैसे ही दुर्लभ जोशी मंच पर पहुंचे, पूरे परिसर में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया गया तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण गर्व, उत्साह और प्रेरणा से ओत-प्रोत नजर आया। विद्यार्थियों में विशेष रूप से खेलों के प्रति नई ऊर्जा और जोश देखने को मिला।
महाविद्यालय के निदेशक तरुण विजय ने कहा कि “आज का दिन हमारे महाविद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला है। दुर्लभ जोशी ने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो राष्ट्रीय मंच पर भी सफलता निश्चित है। हमारी संस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, जिसमें खेलों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।”
संस्था के अध्यक्ष आशीष विजय ने कहा, कि “यह उपलब्धि पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सकारात्मक वातावरण का परिणाम है। हम शिक्षा के साथ-साथ खेलों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी समान महत्व देते हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।”
महाविद्यालय के प्रशासक परमानंद सैनी ने कहा कि “दुर्लभ जोशी की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। ऐसी उपलब्धियां संस्थान की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं और विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार करती हैं।”
संस्था के उपाध्यक्ष रौनक विजय ने कहा कि “हमारी संस्था प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह सफलता हमारे इसी विज़न और प्रतिबद्धता का परिणाम है। भविष्य में भी हम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करें।
शिक्षा के साथ खेलों में भी नई पहचान बना रहा महाविद्यालय
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विशाल पारीक ने कहा कि “राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त करना महाविद्यालय के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों में खेलों के प्रति नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।”
उपप्राचार्य डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि “दुर्लभ जोशी की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।”
शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संतोष चौधरी ने कहा, कि “यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। हमें विश्वास है कि भविष्य में भी हमारे विद्यार्थी खेलों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।”
दुर्लभ जोशी की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों के विद्यार्थी भी यदि सही मार्गदर्शन और अवसर प्राप्त करें, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। उनकी सफलता ने हनुमानगढ़ जिले के युवाओं में खेलों के प्रति नई जागरूकता और उत्साह का संचार किया है।
अंत में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने दुर्लभ जोशी को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगी और महाविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
