
हनुमानगढ़ । हनुमानगढ़ के गांव पक्कासारणा की शमशान भूमि में शव के दाह संस्कार के लिए आधुनिक भट्ठी का निर्माण करवाया जा रहा है। सोमवार को पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि दयाराम जाखड़ ने भट्ठी के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस भट्ठी के निर्माण पर करीब सवा दो लाख रुपए की लागत आएगी। यह राशि ग्रामीणों की ओर से चंदे के रूप में एकत्रित की गई है।
प्रधान प्रतिनिधि दयाराम जाखड़ ने बताया कि दाह संस्कार में करीब चार से पांच क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता होती है। अब नई तकनीक से भट्ठी बनने के बाद मात्र सौ किलोग्राम लकड़ी की ही आवश्यकता रहेगी। लुधियाना से मंगवाई ईंटों से 10 गुणा 6 में भट्ठी का निर्माण होगा।
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के किसी सदस्य का देहांत होने पर दाह संस्कार के लिए उस परिवार का चार से पांच हजार रुपए का खर्च लकड़ी पर हो जाता है। दूर-दराज से लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसे परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक भट्ठी का निर्माण करवाया जा रहा है। ग्रामीणों की जागरूकता से ही यह कार्य हो रहा है। आसपास की ग्राम पंचायतें भी इस तरह की आधुनिक भट्ठी शमशान भूमि में बनवाने के लिए प्रेरित होंगी।
उन्होंने बताया कि गांव की साढ़े तीन बीघा भूमि में बनी शमशान भूमि में शैड लगा हुआ है। बैठने के लिए व्यवस्था है। सड़कें बनी हुई हैं। वृक्ष लगे हुए हैं। हाल ही में डिग्गी का निर्माण करवाया गया है। यह सब ग्रामीणों के सहयोग से ही हो पाया है। इस मौके पर सरपंच पति त्रिलोक सहारण, हरमन्द्र सिंह बराड़, रामकुमार ढाका, अर्जुनराम ढाका, पृथ्वीराज ढाका, सतपाल ढाका, सन्दीप ढाका, लोकेश ढाका, पतराम ढाका, हरीराम सहारण, मनीराम सहारण, प्रेम गोदारा, महेन्द्र सहारण, हरजीराम वर्मा, देवीलाल रणवां, राजेश मिमाणी, पवन नागपाल, कृष्ण कामड़, बेगराज खीचड़, जगमीत बाजीगर, विजय भाटी, योगेश चौहान, सन्दीप गोदारा, सादुल ज्याणी आदि मौजूद थे।
