
हनुमानगढ़। बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक चेतना कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को न्याय व्यवस्था, लोक अदालत, मध्यस्थता और नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं से परिचित कराना था।
यह कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष तनवीर चौधरी के मार्गदर्शन और सचिव गजेंद्र सिंह तेनगुरिया के निर्देशन में एडीआर भवन में संपन्न हुई। इसमें फोर्ट इंटरनेशनल स्कूल, टाउन के सहयोग से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सचिव गजेंद्र सिंह तेनगुरिया ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रणाली, स्थाई लोक अदालत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य आमजन को सुलभ, त्वरित और नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
कार्यशाला में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित विषय ‘बाल विवाह और घरेलू हिंसा रोकें: बचपन और भविष्य की रक्षा करें’ पर भी गहन चर्चा हुई। विद्यार्थियों को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और उनके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला के समापन के बाद एलएडीसी अधिवक्ताओं की एक टीम ने विद्यार्थियों को चार समूहों में बांटकर जिला न्यायालय का भ्रमण कराया। इस दौरान छात्रों को न्यायालय की कार्यप्रणाली, न्यायिक प्रक्रियाओं और अदालत में होने वाली कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने न्यायालय परिसर का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर न्याय व्यवस्था को करीब से समझा। उन्होंने विभिन्न कानूनी विषयों से संबंधित प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर दिया। इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया गया।
