हनुमानगढ़। नगर परिषद की ओर से जंक्शन क्षेत्र में बाइपास के निकट बनाए गए अस्थाई खुले पोंड में शहर का सीवरेज पानी डाले जाने से उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर सिविल लाइंस क्षेत्र के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने पर कॉलोनीवासियों ने आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी है। शनिवार को सिविल लाइंस क्षेत्र के लोग मौके पर एकत्रित हुए और नगर परिषद तथा जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। लोगों ने आरोप लगाया कि पूरे जंक्शन शहर का सीवरेज पानी खुले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पूर्व पार्षद गुरदीप चहल ने कहा कि जिस स्थान पर सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है, वह अब झील का रूप ले चुका है।

खुले में सीवरेज पानी छोड़े जाने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। संबंधित स्थल के समीप वाटर वर्क्स, पुलिस लाइन, ट्रांसपोर्ट नगर, शिक्षण संस्थान और आवासीय कॉलोनियां स्थित हैं, ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सीवरेज का पानी जमीन में रिसाव के माध्यम से पेयजल स्रोतों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है। इससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। गुरदीप चहल ने कहा कि इस समस्या के कारण ट्रांसपोर्ट नगर के विकास पर भी असर पड़ रहा है तथा आसपास के क्षेत्र में लगातार बदबू बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सीवरेज पानी के निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए और ट्रीटमेंट प्लांट को जल्द शुरू किया जाए, ताकि उपचारित पानी का उपयोग खेती सहित अन्य कार्यांे में किया जा सके।

न्यू सिविल लाइंस वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहनलाल इंदलिया ने बताया कि सिविल लाइंस स्थित पम्प हाउस से जंक्शन शहर का सीवरेज पानी उठाकर जोड़कियां फाटक के पास बनाए गए कच्चे पोंड में डाला जा रहा है। पोंड ओवरफ्लो होने पर पानी समीप स्थित वाटर वर्क्स की डिग्गियों की ओर जा रहा है, जिससे शुद्ध पेयजल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज व्यवस्था पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर प्रभावी समाधान नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में दो बार सीवरेज पानी ओवरफ्लो होकर सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, जिससे कुछ मकानों को नुकसान भी पहुंचा था।

कॉलोनीवासियों ने बताया कि इस संबंध में जिला कलक्टर को भी समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पम्प हाउस के पास विरोध प्रदर्शन करते हुए पानी की पम्पिंग रुकवाने जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

