
– नई कार्यकारिणी का गठन, श्रम कानूनों और मजदूर अधिकारों पर वक्ताओं ने जताई चिंता
हनुमानगढ़। जगदंबा एवं प्राइवेट गोदाम पल्लेदार मजदूर यूनियन सीटू का सातवां सम्मेलन शुक्रवार को भगत सिंह यादगार केंद्र, लाल चौक में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल के रूप में कामरेड विनय कुमार, कामरेड शब्बीर कुमार एवं कामरेड सुदेश कुमार ने की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने तथा मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीटू जिला महासचिव कामरेड शेर सिंह शाक्य ने कहा कि वर्तमान समय में देश का मजदूर वर्ग गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के माध्यम से मजदूरों ने वर्षों के संघर्ष से जो अधिकार और सुविधाएं हासिल की थीं, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और संगठित आंदोलन के माध्यम से मजदूर विरोधी नीतियों का मुकाबला करना होगा। सम्मेलन में यूनियन के सचिव ने पिछले वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट एवं आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। रिपोर्ट पर 17 प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न सुझाव रखे। वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, मजदूरों की समस्याओं के समाधान तथा कार्यस्थलों पर श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। चर्चा के बाद नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। इसमें कामरेड विनय कुमार को अध्यक्ष, कामरेड किशोर कुमार को उपाध्यक्ष, कामरेड दीपक कुमार को सचिव, कामरेड कपिल देव को कोषाध्यक्ष तथा कामरेड घनश्याम को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। नव निर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। सम्मेलन को जिला कोषाध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान, कामरेड सुल्तान खान, कामरेड ओम प्रकाश (ओपी), कामरेड शिव कुमार तथा कामरेड हरदेव सिंह ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने मजदूरों की एकता को मजबूत करने तथा संगठनात्मक विस्तार पर बल दिया। सम्मेलन के समापन अवसर पर सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड आत्मा सिंह ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा केवल संगठित संघर्ष से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूर वर्ग वर्गीय चेतना को मजबूत करते हुए एकजुट होकर संघर्ष नहीं करेगा, तब तक उसका शोषण जारी रहेगा। उन्होंने मजदूरों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठित होकर संगठन को मजबूत करने और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। सम्मेलन के अंत में मजदूर हितों की रक्षा, संगठन विस्तार और श्रमिक अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
