
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) । भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता जसप्रीत सिंह सिद्धू ने प्रदेशाध्यक्ष श्री मदन राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने, खरीद लक्ष्य में वृद्धि करने तथा मंडियों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ प्रदेश के प्रमुख कृषि उत्पादक जिले हैं, जहां बड़ी संख्या में किसान गेहूं उत्पादन से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में विभिन्न कृषि उपज मंडियों में अभी भी किसानों का गेहूं बिक्री के लिए उपलब्ध है। अनेक किसानों ने नियमानुसार पंजीकरण भी करवाया है। ऐसे में किसानों को समर्थन मूल्य का पूर्ण लाभ मिल सके, इसके लिए गेहूं खरीद अवधि में आवश्यक विस्तार किया जाना जरूरी है। श्री सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में यदि गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाई जाती है, खरीद लक्ष्य में वृद्धि की जाती है तथा पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाता है, तो अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि क्षेत्र के किसान संगठन, व्यापार मंडल एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्ग भी किसानों की सुविधा के लिए खरीद प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग कर रहे हैं। इससे न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रदेशाध्यक्ष श्री मदन राठौड़ से आग्रह किया गया कि वे किसानों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को राज्य सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाकर आवश्यक पहल करें, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिल सके तथा उनकी मेहनत की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो। श्री सिद्धू ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश नेतृत्व किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय की दिशा में प्रयास करेगा, जिससे श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। ई-धरती पोर्टल में तकनीकी खराबी से किसानों के सैकड़ों नामांतरण अटके, फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ भी रुका* *हनुमानगढ़, 6 जून 2026 राजस्थान सरकार द्वारा विकसित ई-धरती पोर्टल पिछले एक माह से सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। इससे किसानों के सैकड़ों नामांतरण लंबित हैं और उन्हें राजस्व संबंधी कई सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं ई-धरती पोर्टल के माध्यम से ही पटवारी, आरआई एवं तहसीलदार द्वारा किसानों के सभी प्रकार के नामांतरण दर्ज और तस्दीक किए जाते हैं। पोर्टल में आ रही तकनीकी गड़बड़ी के कारण नामांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। ग्राम पंचायत की बैठकों में भी पोर्टल न चलने से मौके पर नामांतरण तस्दीक नहीं हो पा रहे।
