
तीसरा ज्ञापन सौंपकर 3 दिन में रिकॉर्ड जब्त करने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) ग्राम पंचायत धोलीपाल में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जिला कलेक्टर को तीसरा ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले छह माह से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर पंचायत का समस्त रिकॉर्ड जब्त कर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई तो मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि 16 अप्रैल की जनसुनवाई तथा 21 मई 2026 को पुनः जिला प्रशासन को शिकायतें दी गई थीं। शिकायतों में ग्राम पंचायत में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, पट्टों में गड़बड़ी, स्वामित्व नक्शा प्रथम में कथित हेरफेर, फर्जी भुगतान, नरेगा में फर्जी हाजिरी लगाकर राशि उठाने तथा राजकोष को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत प्रशासन और संबंधित कर्मचारियों द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिला स्तरीय जांच समिति कई बार पंचायत मुख्यालय पहुंच चुकी है, लेकिन आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए जा रहे। ऐसे में रिकॉर्ड में फेरबदल की आशंका को देखते हुए तत्काल रिकॉर्ड जब्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी धीरज कुमार एवं कनिष्ठ सहायक भवानी शंकर स्वामी को जांच पूरी होने तक एपीओ कर अन्यत्र मुख्यालय करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को वर्तमान पदस्थापन से हटाना आवश्यक है। ज्ञापन में स्वामित्व नक्शा प्रथम को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के खाली भूखंडों एवं कुछ ग्रामीणों की भूमि को कथित रूप से फर्जी तरीके से अन्य लोगों के नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने मांग की कि जयपुर भेजी गई स्वामित्व सूची को सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर आमजन के संदेह दूर किए जाएं। इस संबंध में कुछ ग्रामीणों द्वारा सदर थाना हनुमानगढ़ में शिकायत दर्ज कराने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में कुछ लोगों से कथित रूप से झूठे बयान दिलवाकर भ्रष्टाचार संबंधी जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने ऐसे मामलों की भी जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामवासी लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में आशीष कुमार, श्योपत जाखड़, बीकर सिंह बराड़, सुनील जाखड़, सरजीत साहू, सतीश मूंड, संजय जाखड़, रूप राम मुंड, सादुल सिंह मूड, दारा सिंह गोदारा, रामचंद्र मुंड, देवेंद्र मूड, बबलू गोदारा,प्रेम पटीर, और कुलबीर सिंह, जावेद खान वार्ड मेंबर, साबिर खान प्रेम शर्मा तरसेम डायरेक्टर, स्वर्ण पाल सिंह दुलट, अमर सिंबल शीशपाल सियाग, राकेश सुथार, अरमान खान, दीपू सियाग, बलराम, महेंद्र पूनिया, वेद मिरासी, अरविंद मिरासी, देवीलाल, राकेश कुमार, अकबर खान, कुलदीप लोहरा, कुलविंदर ढिल्लों, लखबीर सिद्धू, खुशी बूटर, आलोक शर्मा बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी
