
वाहन रैली की बजाय रक्तदान शिविर का किया आयोजन
हनुमानगढ़(भटनेर एक्सप्रेस)। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर बुधवार को टाउन स्थित श्री करणी राजपूत धर्मशाला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्षत्रिय समाज के युवाओं ने इस वर्ष परंपरागत वाहन रैली निकालने की बजाय समाज और राष्ट्रहित में रक्तदान शिविर आयोजित कर एक सकारात्मक संदेश दिया। युवाओं ने रक्तदान के माध्यम से महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की और मानव सेवा को ही सच्ची श्रद्धांजलि बताया। शिविर में राजपूत समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के युवाओं में भी रक्तदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने के इस अभियान में भागीदारी निभाई। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और आदर्शांे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल राजपूत समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए साहस, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा। वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शांे से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। महाराणा प्रताप जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन कर युवाओं ने उनके सेवा, त्याग और समाजहित के मूल्यों को जीवंत करने का कार्य किया है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में धन्नेसिंह राठौड़, डॉ. प्रेमसिंह शेखावत, हर्षवर्धन सिंह सहित राजपूत समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं युवा मौजूद रहे। सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके इस कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
