
धाणका समाज ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान, 311वें दिन भी जारी रहा बेमियादी धरना
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस)। धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने पर लगी कथित मौखिक रोक हटाने की मांग को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धाणका समाज जनजाति संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा बेमियादी धरना बुधवार को 311वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन पर उनकी मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। समिति ने एक जुलाई से धरनास्थल से जयपुर तक पैदल कूच कर विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। संघर्ष समिति के संयोजक जितेन्द्र धाणका ने बताया कि पैदल कूच कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए समिति और विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है। गांवों, शहरों और तहसील स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक समाज के नागरिक इस आंदोलन में भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि एक जुलाई को बड़ी संख्या में धाणका समाज के नागरिक जयपुर के लिए पैदल रवाना होंगे। जितेन्द्र धाणका ने कहा कि समाज पिछले 311 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहा है, लेकिन अब तक शासन और प्रशासन ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया। जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण समाज के युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और स्कूलों में स्थायी प्रवेश लेने में भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज ने अब अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लडऩे का फैसला किया है। यदि उनकी मांगें शांतिपूर्वक पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ज्ञापन तो प्राप्त कर लेता है, लेकिन उन्हें उचित रूप से आगे नहीं बढ़ाया जाता। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशों के बावजूद वास्तविक स्थिति से संबंधित रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है। संघर्ष समिति ने दावा किया कि प्रशासन की ओर से यह दर्शाया जा रहा है कि धाणका जाति हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में निवास नहीं करती, जबकि दोनों जिलों में समाज के लोग वर्षांे से रह रहे हैं। समाज के कई सदस्य जनप्रतिनिधि बने हैं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रभारी मंत्री पिछले चार माह से हनुमानगढ़ नहीं आए हैं और समाज की समस्या को राज्य सरकार तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचाया जा रहा है। समिति पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धाणका/धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र बनने पर लगी रोक हटाने तक उनका बेमियादी आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को धरने पर आकाश धाणका, ज्वाला धाणका, रमेश धाणका, साहिल धाणका, सेवाराम, हीरा खरोड़, संजय तथा दीपक डाबला सहित समाज के कई अन्य नागरिक मौजूद रहे।
