
गली बंद करने पहुंची रेलवे टीम का वार्डवासियों ने किया विरोध, हंगामे के बाद रुका काम
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) जंक्शन के वार्ड संख्या 15 स्थित भट्टा कॉलोनी में शनिवार को रेलवे और नगर परिषद की विवादित भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। रेलवे की टीम कथित रूप से श्मशान भूमि की ओर जाने वाली गली को बंद करने के लिए मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थानीय वार्डवासियों और जनप्रतिनिधियों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार रेलवे की टीम जेसीबी मशीन के साथ गली को बंद करने की कार्रवाई करने पहुंची थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित भूमि मामले में न्यायालय से स्टे होने के बावजूद रेलवे द्वारा कार्रवाई का प्रयास किया गया। जेसीबी के पहुंचते ही वार्डवासियों ने विरोध जताया और कार्रवाई रोकने की मांग की। सूचना मिलते ही पूर्व उपसभापति नगीना बाई, निवर्तमान सभापति सुमित रणवा,पार्षद गुरदीप सिंह बराड़ (बब्बी), पार्षद राजेन्द्र चौधरी मौके पर पहुंच गए। जनप्रतिनिधियों ने रेलवे अधिकारियों से कार्रवाई का आधार और आवश्यक दस्तावेज दिखाने की मांग की। इस दौरान रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस भी हुई। पूर्व उपसभापति नगीना बाई ने कहा कि यह मार्ग लंबे समय से क्षेत्रवासियों के उपयोग में है और इसे बंद करने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वार्ड में जाने वाले मुख्य रास्ते को बंद करना जनहित के खिलाफ है। पूर्व सभापति सुमित रणवा ने रेलवे प्रशासन पर धक्काशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त सूचना और स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह करीब 70 वर्ष पुराना मार्ग है और रेलवे के पास इसे बंद करने संबंधी स्पष्ट नक्शा या वैध आधार होना चाहिए। रणवा ने आरोप लगाया कि स्टे के बावजूद कार्रवाई का प्रयास कई सवाल खड़े करता है। विवाद बढ़ता देख रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वार्डवासियों के विरोध और जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद रेलवे को फिलहाल अपना काम रोकना पड़ा। घटना के बाद विवादित भूमि का मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने के लिए सोमवार को रेलवे अधिकारियों और नप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में भूमि और मार्ग से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन स्थानीय लोग मामले के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
विवाद की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के थानाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद स्थिति को शांत कराया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल सड़क बंद करने का कार्य रोक दिया गया।
मौके पर हुई चर्चा में यह निर्णय लिया गया कि सोमवार को रेलवे के एईएन कार्यालय में संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मार्ग की स्थिति, स्वामित्व तथा जनहित से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद माहौल शांत हो गया और लोगों ने प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई।
