
जर्जर स्कूल भवनों, प्रवेशोत्सव, पालनहार योजना और विभागीय योजनाओं की समीक्षा
पंचायत समिति सभागार में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन समिति की बैठक
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) टाउन स्थित पंचायत समिति कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को ब्लॉक स्तरीय निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। ग्रीष्मावकाश के बाद करीब दो माह पश्चात आयोजित इस बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उपखंड अधिकारी मांगीलाल सुथार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यूडाइस से संबंधित कार्यांे की समीक्षा की गई। साथ ही राज्य सरकार की ओर से आयोजित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के दौरान विद्यालयों के पट्टे बनवाने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में पालनहार योजना से अधिकाधिक विद्यार्थियों को जोडऩे तथा विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि 11 जुलाई तक प्रवेशोत्सव के तहत कक्षा 9 से 12 तक अधिक से अधिक प्रवेश सुनिश्चित किए जाएं, जबकि कक्षा 1 से 8 तक वर्षभर प्रवेश जारी रहेगा। जिले में व्यापक नामांकन अभियान चलाकर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक विद्यार्थियों का नामांकन करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालय भवनों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि यदि किसी विद्यालय का भवन जर्जर या कमजोर स्थिति में है तो उसे नियमानुसार जर्जर घोषित करवाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। संस्था प्रधानों की भूमिका और आवश्यक कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। बैठक में विद्यालयों में शौचालयों की उपलब्धता, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों एवं वर्कबुक के वितरण, उनकी शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं दूध उपलब्ध कराने, शाला संबलन, विद्यार्थियों की अपार आभा आईडी जनरेट करने तथा नवभारत साक्षरता मिशन के तहत गांवों में असाक्षर लोगों की पहचान कर स्वयंसेवकों के सहयोग से उन्हें साक्षर बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार गंभीर और संवेदनशील है तथा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
