
नई दिल्ली। ब्रिक्स से जुड़ी बैठक में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को आमंत्रित किए जाने को लेकर उठे सवालों के बीच भारत की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। भारत ने कहा है कि बांग्लादेश के प्रमुख को व्यक्तिगत या प्रधानमंत्री के तौर पर निमंत्रण नहीं दिया गया था। भारत के अनुसार, बांग्लादेश को दिया गया निमंत्रण देश के मौजूदा बिम्सटेक अध्यक्ष के रूप में था। यानी निमंत्रण बांग्लादेश के प्रमुख की व्यक्तिगत हैसियत के बजाय क्षेत्रीय संगठन बिम्सटेक (BIMSTEC) की अध्यक्षता की भूमिका से जुड़ा था।
बांग्लादेश को लेकर क्यों उठा विवाद?
ब्रिक्स से जुड़े कार्यक्रम में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर यह सवाल उठाया गया कि क्या भारत ने बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। भारत की ओर से स्पष्ट किया गया कि ऐसा नहीं था। निमंत्रण बांग्लादेश के उस समय के बिम्सटेक अध्यक्ष के रूप में दिया गया था। बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों का क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।
बिम्सटेक की भूमिका महत्वपूर्ण
भारत लंबे समय से बिम्सटेक को क्षेत्रीय सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता रहा है। यह संगठन बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों के बीच व्यापार, संपर्क, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। बांग्लादेश के पास बिम्सटेक की अध्यक्षता होने के कारण किसी क्षेत्रीय कार्यक्रम में उसकी भागीदारी संगठन की अध्यक्षता से जुड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखी जा सकती है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी नजर
बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार, सुरक्षा, जल बंटवारा और क्षेत्रीय संपर्क जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे समय में किसी अंतरराष्ट्रीय या क्षेत्रीय बैठक में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक अर्थ निकाले जाना स्वाभाविक है। हालांकि भारत ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि ब्रिक्स कार्यक्रम के लिए दिया गया निमंत्रण बांग्लादेश के प्रधानमंत्री या अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि बिम्सटेक के अध्यक्ष देश के प्रतिनिधित्व से संबंधित था।
ब्रिक्स और बिम्सटेक के बीच अंतर
ब्रिक्स एक प्रमुख बहुपक्षीय समूह है, जिसमें भारत सहित कई बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। वहीं बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग का क्षेत्रीय मंच है। भारत दोनों मंचों को अलग-अलग महत्व देता है। ब्रिक्स वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का मंच है, जबकि बिम्सटेक भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।
भारत ने स्थिति की तस्वीर साफ की
बांग्लादेश को लेकर उठे विवाद के बीच भारत का स्पष्टीकरण इस बात पर केंद्रित है कि निमंत्रण किसी व्यक्ति को विशेष रूप से प्रधानमंत्री या सरकार के प्रमुख के तौर पर नहीं दिया गया था। निमंत्रण बांग्लादेश की बिम्सटेक अध्यक्षता से जुड़ी भूमिका के कारण था। इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ करने की कोशिश की गई है कि कार्यक्रम में बांग्लादेश की भागीदारी को भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों या किसी विशेष राजनीतिक व्यक्ति के समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
