
59 नशा पीडि़तों का उपचार, 29 ने नशा छोडऩे की जताई इच्छा, विशेषज्ञों ने दी नियमित उपचार की सलाह
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देशानुसार राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के तहत मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा शुक्रवार को सीएचसी संगरिया एवं सीएचसी गांधीबड़ी में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। दोनों शिविर में 173 मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि संगरिया में आयोजित शिविर में वरिष्ठ मनोरोग एवं नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. सोलंकी एवं गांधीबड़ी में आयोजित शिविर में डॉ. सुनील कुमार ने मानसिक रोगों एवं नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी देते हुए समय पर उपचार एवं नियमित परामर्श के माध्यम से नशा छोडऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम शुक्रवार को नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए। शिविर में 59 नशा पीडि़त मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से 4 मरीज सफलतापूर्वक नशा छोड़ चुके हैं, जबकि 20 मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा व्यक्त की। सभी इच्छुक मरीजों की विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की गई तथा आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें नियमित फॉलोअप के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नियमित उपचार प्राप्त कर रहे 143 मरीजों का फॉलोअप किया गया तथा उन्हें आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, तनाव एवं अन्य मानसिक समस्याओं के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने तथा समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया। शिविर के दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों को भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-891-4416 की जानकारी भी दी गई तथा मानसिक, पारिवारिक एवं भावनात्मक समस्याओं की स्थिति में इस सेवा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती मीनाक्षी भिडासरा, जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. प्रवेश खटाना, डीपीओ अंजू बाला, त्रिलोकेश्वर शर्मा तथा नर्सिंग अधिकारी गुलाब सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

