
तीन घंटे तक मुख्य गेट पर की तालाबंदी, बैंक अधिकारियों ने 30 दिन में समाधान का दिया आश्वासन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस)केसीसी खाते से कथित रूप से 62 लाख रुपये की राशि निकाल लिए जाने के मामले में गुरुवार को किसान सभा के नेतृत्व में एचडीएफसी बैंक, हनुमानगढ़ टाउन शाखा के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बैंक प्रबंधन द्वारा शिकायत पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में दोपहर 3 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैंक के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित किसान को न्याय दिलाने की मांग की गई।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष मंगेज चौधरी के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रताखेड़ा निवासी किसान सुखविंद्र सिंह पुत्र सुरजीत सिंह का एचडीएफसी बैंक में केसीसी खाता है, जिसमें लगभग 62 लाख रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत थी। किसान का आरोप है कि जब वह खाते से राशि निकालने बैंक पहुंचा तो खाते में धनराशि उपलब्ध नहीं थी। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने उसके खाते से राशि निकालकर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दी।
पीड़ित किसान ने बैंक प्रबंधन को दिए गए अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि बैंक के कर्मचारियों द्वारा उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उसके खाते से निकाली गई 62 लाख रुपये की राशि वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत में कुछ बैंक कर्मचारियों के नाम भी उल्लेखित किए गए हैं और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रदर्शन के दौरान किसान सभा नेताओं ने कहा कि यदि किसी बैंक में ग्राहकों के खातों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं होगी तो आम लोगों का बैंकिंग व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन को तत्काल जांच कर पीड़ित किसान को न्याय दिलाना चाहिए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
आंदोलन में जगजीत सिंह जग्गी, गैरी बराड़ कमरानी, रूप सिंह कमरानी, गुरमेल सिंह कमरानी, हाकम खान मसानी, शेर सिंह शाक, रामनदीप कौर और कमल जैन सहित अनेक किसान मौजूद रहे और सभी ने बैंक प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।
करीब तीन घंटे तक चले आंदोलन के बाद शाम 5 बजे बैंक के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसान सभा प्रतिनिधियों से वार्ता की। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी तथा आगामी 30 दिनों के भीतर मामले के समाधान का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान सभा ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिला तो बैंक के खिलाफ और अधिक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
