
जिला कलेक्टर ने गोशालाओं को सशक्त बनाने का दिया संदेश, बीमार गौवंश के लिए लगा उपचार शिविर
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को श्री गोशाला सेवा समिति, अबोहर रोड, हनुमानगढ़ जंक्शन में कामधेनु गौपूजन, संत समागम एवं संत सम्मान समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संतों के सान्निध्य, प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति तथा गौसेवा के प्रति समाज को जागरूक करने वाले संदेशों ने आयोजन को विशेष बना दिया। इस अवसर पर गौसंरक्षण, गोशालाओं के सशक्तिकरण तथा गौसेवा के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का सामूहिक आह्वान किया गया। कार्यक्रम में संत श्री दयानन्द जी सरस्वती, सुभाष गिरी जी महाराज, संत श्री परमात्मानंद जी तथा संत श्री कृष्णानंद जी का जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदीलाल मीणा, श्री गोशाला सेवा समिति के अध्यक्ष इंदर हिसारिया, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप तथा कृषि विपणन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर विष्णु शर्मा द्वारा माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और गौसेवा के संकल्प को दोहराया। अपने संबोधन में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्यतिथि तथा अन्य पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजनों को गोशालाओं में मनाकर गौसेवा में योगदान दें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से गोशालाओं को आर्थिक संबल मिलेगा और निराश्रित गौवंश की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी।

संतजनों ने अपने प्रवचनों में भारतीय संस्कृति में गौमाता के आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना का हिस्सा है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार गोशालाओं के सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। संतों ने श्रद्धालुओं को दान-पुण्य के माध्यम से गौसंरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि गौसेवा मानव सेवा के समान पुण्यदायी कार्य है। संत समागम के पश्चात पशुपालन विभाग द्वारा गोशाला में बीमार एवं निराश्रित गौवंश के लिए विशेष पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभाग की विशेषज्ञ टीम ने गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर कृमिनाशक दवाएं उपलब्ध कराईं तथा बांझपन सहित अन्य सामान्य रोगों का उपचार किया। पशुपालकों एवं गोशाला प्रबंधन को पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप ने गोशालाओं को मिलने वाले अनुदान की वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा करते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन, समाज और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच समन्वय आवश्यक है। कार्यक्रम में डॉ. राकेश गांधी, डॉ. भूपेश सुथार सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का समापन गौसंरक्षण, गौसेवा और गोशालाओं को अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौमाता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए नियमित रूप से गोशालाओं के सहयोग का संकल्प लिया। हनुमानगढ़ स्थापना दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, धार्मिक आस्था और जनसहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।

