

फोटो:- एच03 व एच04
एनर्जी ड्रिंक्स पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, हनुमानगढ़ टाउन-जंक्शन, नोहर, भादरा में चली विशेष कार्रवाई
हनुमानगढ़। राज्य सरकार एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देशानुसार जिले में एनर्जी ड्रिंक, एक्सपायरी खाद्य पदार्थांे एवं भ्रामक लेबलिंग के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत 10 एवं 11 जुलाई को हनुमानगढ़, नोहर एवं भादरा क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कैफेनेटेड बेवरेजेज के नमूने जांच के लिए लिए तथा बड़ी मात्रा में उत्पादों को सीज एवं एक्सपायरी सामग्री का नियमानुसार निस्तारण कराया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में एनर्जी ड्रिंक, एक्सपायरी खाद्य पदार्थांे एवं भ्रामक लेबलिंग के विरुद्ध विशेष अभियान के दौरान उत्पादों की लेबलिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि, भंडारण व्यवस्था तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की भी जांच की गई। इसी के तहत 10 जुलाई को नोहर एवं भादरा क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान 624 बोतल एक्सपायर्ड स्टिंग एनर्जी ड्रिंक तथा 911.25 लीटर एक्सपायर्ड माउंटेन ड्यू कोल्ड ड्रिंक को नियमानुसार नष्ट कराया गया। नष्ट करवाने के लिए गड्ढा खुदवाया तथा नष्टीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अलावा मै. बाबा वैरायटी स्टोर से नमकीन मिक्सचर एवं मै. जगदम्बा किरयाना स्टोर से सरसों के तेल (मस्टर्ड ऑयल) का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। वहीं नोहर स्थित मै. स्वामी एजेंसी से कैफेनेटेड बेवरेजेज स्टिंग की 503 बोतलें सीज कर उनके नमूने भी जांच के लिए लिए गए। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को भी हनुमानगढ़ जंक्शन एवं टाउन क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान के तहत मै. पंजाब ट्रेडिंग कंपनी से हेल एनर्जी कैफेनेटेड बेवरेजेज का नमूना लेकर उसकी 916 कैन सीज की गईं। इसी प्रकार सेंट्रल वेयर हाउस कॉरपोरेशन परिसर स्थित रिलायंस लिमिटेड से रेड बुल कैफेनेटेड बेवरेजेज का नमूना लिया गया तथा उसकी 6842 कैन सीज कर जांच रिपोर्ट आने तक विक्रय एवं वितरण पर रोक लगाई गई। उन्होंने बताया कि जिन उत्पादों के संबंध में संदेह पाया गया, उनके नमूने राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे एनर्जी ड्रिंक, एक्सपायरी खाद्य पदार्थ अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य पदार्थ अथवा पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि एवं लेबल का अवश्य परीक्षण करें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हनुमानगढ़ में खाद्य पदार्थांे में मिलावट या भ्रामक प्रचार की शिकायत व्हाट्सएप नंबर 01552-261190 पर की जा सकती है। कार्रवाई में एफएसओ रफीक मोहम्मद, हीरावल्लभ शर्मा, गुरुशरण सिंह एवं गार्ड रणवीर गिरी शामिल रहे।
एनर्जी ड्रिंक के नुकसान
अधिक कैफीन से हृदय गति तेज और धडक़न अनियमित हो सकती है। उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) का खतरा बढ़ सकता है। नींद न आना (अनिद्रा), बेचैनी और घबराहट की समस्या हो सकती है। अधिक चीनी होने से मोटापा, मधुमेह (डायबिटीज) और दांतों की समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। लगातार सेवन से एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अधिक कैफीन से सिरदर्द, चक्कर और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की समस्या हो सकती है। बच्चों, किशोरों, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए इसका सेवन हानिकारक माना जाता है। अन्य कैफीनयुक्त पेय या शराब के साथ सेवन करने पर स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ सकता है।
विशेष सावधानी
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों को नियमित रूप से एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इससे बचना चाहिए। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या मधुमेह से पीडि़त व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन न करें। किसी भी पेय पदार्थ का सेवन करने से पहले उसके लेबल, कैफीन की मात्रा और सामग्री अवश्य पढ़ें।
