
श्रीगंगानगर। अंगदान के लिए आमजन में जागरुकता लाने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोटो), युनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) तथा टांटिया यूनिवर्सिटी के आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में ‘जीवन को एक उपहार दें-एक हजार घंटे दस हजार प्रतिज्ञाएं’ अभियान के तहत शारीरिक शिक्षा संकाय में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को प्रतिज्ञा दिलाई गई। उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन डॉ. मोहित टांटिया ने क्षेत्र में इस पहल की शुरुआत की है और धीरे-धीरे अनेक लोग अभियान से जुड़ रहे हैं। अभियान के नोडल ऑफिसर राजकुमार जैन ने बताया कि शारीरिक शिक्षा संकाय में जागरुकता कार्यक्रम हुआ। इसमें डीन डॉ. सुरजीतसिंह कस्वां ने विद्यार्थियों को अंगदान के लिए प्रेरित किया और प्रतिज्ञा दिलवाई। ऑनलाइन फार्म भी भरवाए। को-ऑर्डिनेटर (सोशल एक्टिविटीज) सरिता शर्मा ने बताया कि जीते जी कौन से और मरने के बाद कौनसे अंग दान किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यक्ति अपने मरने के बाद आठ जिंदगियां बचा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. विकास सचदेवा एवं यूडीएफ के चेयरपर्सन डॉ. लक्ष्य मित्तल का भी कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा। इस मौके पर सहायक आचार्य डॉ. अनुराग बिस्सू, संदीपकुमार भांभू, जितेंद्रकुमार, विशाल ढाका व संदीप बटार सहित सभी संकाय सदस्य मौजूद थे।
