
श्रीगंगानगर, 13 अगस्त। स्वायत्त शासन विभाग में शहरी निकाय प्रमुखों की आज आरक्षण लॉटरी निकाले जाने के साथ ही श्रीगंगानगर में नगर परिषद के सभापति पद को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है। आरक्षण लॉटरी ने श्रीगंगानगर में सभी वर्ग के लोगों को खुशी का मौका दे दिया है अब देखना यह है कि इस मौके का फायदा किस वर्ग के किस भाग्यशाली व्यक्ति को मिलता है जो सभापति की कुर्सी पर बैठ पाएगा। आज निकल गई लॉटरी में श्रीगंगानगर नगर परिषद के सभापति पद को अनारक्षित (जनरल/ओपन) श्रेणी में रखा गया है। अब इस पद के लिए किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा। यह फैसला शहर की राजनीति में नए समीकरण पैदा करने वाला साबित हो सकता है।पिछले चुनाव में श्रीगंगानगर नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बना था। करुणा चांडक नवंबर 2019 से दिसंबर 2023 तक सभापति रहीं। इसी दौरान उन्होंने निर्दलीय के रूप में विधानसभा चुनाव लडा ,जिसमें हार होने पर उन्होंने तुरंत पद से इस्तीफा दे दिया। यही नहीं उनके पति अशोक चांडक ने भी भाजपा का दामन थाम लिया, जिन्होंने 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लडा और हार का सामना करना पड़ा।
करुणा सभापति पद से इस्तीफा इसके बाद राज्य सरकार ने वार्ड संख्या 36 की भाजपा पार्षद गगनदीपकौर पांडे को मनोनीत किया। बाद में वे निर्वाचित सभापति बनीं और करीब 10 महीने तक पद पर रहीं। उनके पति हरविंद्रसिंह पांडे कभी स्थानीय भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के करीबी माने जाते थे। नवंबर 2024 में बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासन ने एडीएम को प्रशासक नियुक्त कर दिया। तब से नगर परिषद प्रशासकीय नियंत्रण में चल रही है। इस बार सभापति पद अनारक्षित होने से फिर से निर्वाचित नेतृत्व की बहाली का रास्ता साफ हो गया है।
