किसानों को बेची गई डीएपी पर संदेह के बाद कृषि विभाग ने की कार्रवाई, 5 नमूने लिए, आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज
हनुमानगढ़। जिले के तलवाड़ा झील थाना क्षेत्र के गांव खिनानिया में किसानों को नकली डीएपी बेचे जाने की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए 58 बैग डीएपी जब्त किए हैं। मामले में उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी (पौध संरक्षण) प्रियंका की रिपोर्ट पर तलवाड़ा झील पुलिस थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है। पुलिस के अनुसार, कृषि विभाग को खिनानिया में किसानों की ओर से नकली डीएपी बेचे जाने संबंधी शिकायत मिली थी। शिकायत पर 25 अगस्त की रात्रि करीब 8.30 बजे उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी प्रियंका मौके पर पहुंचीं। उनके साथ सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) हनुमानगढ़ राधेश्याम पारीक, सहायक कृषि अधिकारी टिब्बी बेअन्त सिंह तथा वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक प्रेरणा भी मौजूद थीं। मौके पर किसान जगदीश पुत्र बीरबल ने कृषि अधिकारियों को बताया कि राजेन्द्र पुत्र बंशीलाल की ओर से चार किसानों को डीएपी के कुल 78 बैग बेचे गए थे। किसानों को उर्वरक के नकली होने की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने राजेन्द्र कुमार से संपर्क किया। बताया गया कि राजेन्द्र बैग वापस लेने के लिए किसानों के पास पहुंचा, इसी दौरान विभाग को इसकी सूचना दी गई। कार्रवाई के दौरान 38 बैग एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में मुख्य मार्ग पर खड़े मिले। इसके अलावा 20 बैग जगदीश के घर के एक कमरे से, उसकी सहमति से जब्त किए गए। इस प्रकार मौके से कुल 58 बैग जब्त किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, जब किसानों को डीएपी उपलब्ध करवाने वाले राजेन्द्र कुमार से जब्त बैग के संबंध में पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके पास आपूर्ति रसीद अथवा बिक्री बिल उपलब्ध नहीं था। किसानों को भी डीएपी खरीदने का कोई क्रय बिल नहीं दिए जाने की बात सामने आई। कृषि विभाग ने जब्त 58 बैगों में से 5 नमूने आहरित किए। जब्त उर्वरक को ग्राम सेवा सहकारी समिति श्योदानपुरा, ग्राम पंचायत खिनानिया में व्यवस्थापक की सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाकर सुपुर्दगी प्राप्त कर ली गई है। उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी प्रियंका (29) पुत्री रामनिवास जाट निवासी नुकेरा पीएस संगरिया, हाल पदस्थापित उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि अधिकारी (पौध संरक्षण), कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) हनुमानगढ़ ने तलवाड़ा झील पुलिस थाना में उपस्थित होकर टाइपशुदा रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत अपराध की श्रेणी में पाया और मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले का अनुसंधान थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजपाल सिंह की ओर से शुरू किया गया है। अब पुलिस जांच में यह सामने आने की उम्मीद है कि किसानों को उपलब्ध कराई गई डीएपी वास्तविक थी अथवा मानकों के विपरीत/नकली, तथा उर्वरक की आपूर्ति और बिक्री किस माध्यम से की गई।
