हनुमानगढ़ जिला जेल में तलाशी के दौरान खुला राज, प्रतिबंधित सामान मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हनुमानगढ़। जिला जेल में बंदियों तक मोबाइल फोन पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल प्रशासन की तलाशी कार्रवाई के दौरान टॉयलेट की टाइल के पीछे छिपाकर रखे गए मोबाइल फोन बरामद होने से हड़कंप मच गया। जेल परिसर में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने के तरीके ने सुरक्षा व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। जेल प्रशासन की टीम ने नियमित जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान टॉयलेट की टाइल के पीछे छिपाए गए मोबाइल फोन बरामद किए गए। फोन को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में आसानी से नजर नहीं आए।
टाइल हटाई तो सामने आया मोबाइल का राज
तलाशी के दौरान जब जेलकर्मियों को जगह संदिग्ध लगी तो टाइल हटाकर जांच की गई। इसके बाद वहां छिपाए गए मोबाइल फोन सामने आए। बरामदगी के बाद जेल प्रशासन ने मोबाइल फोन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
जेल में मोबाइल पहुंचने के रास्ते की होगी जांच
जेल में मोबाइल फोन मिलने के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित मोबाइल अंदर कैसे पहुंचे। जेल प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि इन मोबाइल का इस्तेमाल कौन कर रहा था और इनके जरिए किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क तो नहीं किया जा रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल
जेल में मोबाइल फोन की बरामदगी कोई सामान्य मामला नहीं है। जेल परिसर में मोबाइल का इस्तेमाल सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना जाता है। ऐसे में टॉयलेट जैसी जगह पर फोन छिपाकर रखने की घटना सामने आने के बाद जेल की आंतरिक सुरक्षा और नियमित तलाशी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब जांच का फोकस इस बात पर है कि मोबाइल जेल के भीतर किस माध्यम से पहुंचे और इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
