
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। इन बैठकों में वैश्विक तनाव, युद्ध की स्थिति, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और शांति का रास्ता तलाशने पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि युद्ध से मानवता को भारी नुकसान हो रहा है और संघर्ष का समाधान बातचीत व कूटनीति के जरिए होना चाहिए। पुतिन ने भी मोदी को यूक्रेन की स्थिति और रूस के रुख की जानकारी दी। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों व नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। पेजेश्कियान ने SCO सम्मेलन में अमेरिका के साथ जारी तनाव को लेकर कहा कि यदि अमेरिका जून में हुए अंतरिम समझौते की प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटता है तो ईरान भी जवाबी कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई है। SCO सम्मेलन में पीएम मोदी की पुतिन और पेजेश्कियान के साथ हुई मुलाकातों को भारत की सक्रिय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के शीर्ष नेता भी मौजूद रहे।
