
नई दिल्ली। करीब ₹113.10 करोड़ के कथित क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले के प्रमुख आरोपी बताए जा रहे अमित एम. लखनपाल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद यह कार्रवाई हुई। यह मामला करीब आठ साल पुराना है और वर्ष 2018 में सामने आए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद इसकी जांच ने तूल पकड़ा था।
निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, लखनपाल पर निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के जरिए आकर्षक और अधिक रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप है। इस पूरे मामले में करीब ₹113.10 करोड़ की धोखाधड़ी की बात सामने आई है। आरोप है कि निवेशकों को डिजिटल करेंसी और निवेश से जुड़े अवसरों के नाम पर भरोसे में लिया गया और बाद में बड़ी रकम से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपी की गतिविधियों और कथित वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की गई।
2018 के स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था मामला
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू वर्ष 2018 में हुआ स्टिंग ऑपरेशन है। उस समय सामने आई जानकारी के बाद अमित लखनपाल की गतिविधियां जांच एजेंसियों के रडार पर आई थीं। इसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ी और कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों को खंगाला गया। करीब आठ साल बाद UAE में गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
इंटरपोल नोटिस के बाद UAE में पकड़ा गया
अमित लखनपाल के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद UAE में उसकी मौजूदगी की जानकारी सामने आने पर संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
क्रिप्टो निवेश के नाम पर बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े निवेश में तेजी के साथ धोखाधड़ी के मामले भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। साइबर अपराधी अक्सर ज्यादा रिटर्न, कम समय में मुनाफा और डिजिटल एसेट में निवेश जैसे दावों के जरिए लोगों को आकर्षित करते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी क्रिप्टो या ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले कंपनी, प्लेटफॉर्म और संबंधित व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच जरूर करनी चाहिए। केवल अधिक रिटर्न का लालच देखकर निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
फिलहाल अमित लखनपाल की UAE में गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
