
नई दिल्ली। कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। पार्टी की नई टीम के गठन को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिवों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पूरी कवायद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सीधी नजर बताई जा रही है। पार्टी संगठन को आगामी चुनावों के लिए अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
100 से ज्यादा नेताओं के नामों पर विचार
AICC सचिवों की नियुक्ति के लिए पार्टी ने 100 से अधिक संभावित नेताओं की सूची तैयार की है। इन नेताओं के साथ बातचीत और इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अलग-अलग राज्यों से संभावित नेताओं को दिल्ली बुलाया जा रहा है। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी चयन प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
युवा चेहरों को मिल सकता है मौका
नई टीम में युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिखाई दे रहा है। पार्टी ऐसे नेताओं को आगे लाने पर विचार कर रही है, जिनके पास संगठन में काम करने का अनुभव होने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सक्रियता भी है। माना जा रहा है कि युवा नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस अपने संगठन को नई ऊर्जा देना चाहती है। हालांकि, केवल नए चेहरों को ही मौका मिलेगा, ऐसा नहीं है। पार्टी में पहले से जिम्मेदारी संभाल चुके और बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को भी नई भूमिका दी जा सकती है। इस तरह संगठन में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
चुनावी मोड में संगठन को लाने की तैयारी
कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने की कोशिश कर रहा है। हाल के दिनों में पार्टी ने कई राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पंजाब में सचिन पायलट को नया AICC प्रभारी महासचिव बनाया गया है, जबकि भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है। रंजीत सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है और उन्हें कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली है।
प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियां देने पर जोर
कांग्रेस संगठन में हो रहे बदलावों से संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व नेताओं के काम और संगठनात्मक प्रदर्शन को महत्व दे रहा है। नए प्रभारियों की नियुक्तियों के बाद अब AICC सचिवों की टीम में बदलाव की प्रक्रिया को भी इसी व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश ऐसे नेताओं की टीम तैयार करने की है, जो राज्यों में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क बनाए रखें और चुनावी परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
राहुल गांधी की भूमिका अहम
AICC सचिवों के चयन में राहुल गांधी की सक्रिय भागीदारी को कांग्रेस के भविष्य के संगठनात्मक ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावित नेताओं के चयन में उनकी पसंद, संगठनात्मक अनुभव और जमीनी सक्रियता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस की यह कवायद ऐसे समय में हो रही है, जब पार्टी कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है। ऐसे में नई टीम में शामिल होने वाले नेताओं की जिम्मेदारियां संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
