इस्तगासा पर न्यायालय ने दिए निर्देश, 24 घंटे में एफआईआर की प्रति कोर्ट में पेश करनी होगी


हनुमानगढ़ जिला अधिवक्ता संघ एवं बार संघ हनुमानगढ़ के अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची को कथित तौर पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी देने और न्यायालय में विधायक गणेशराज बंसल एवं पूर्व सभापति सुमित रणवां की पैरवी छोड़ने का दबाव बनाने के मामले में सोमवार शाम महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई। न्यायालय ने इस्तगासा पर रिछपाल खर्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं होने के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। बार संघ के सदस्यों ने न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के प्रवेश का विरोध किया। पार्किंग स्थल के पास अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ और ‘वकील एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
शनिवार सुबह आया था व्हाट्सएप कॉल
अधिवक्ता रोहित सिंह खिच्ची के अनुसार, शनिवार सुबह न्यायालय जाने के लिए घर से निकलने के दौरान करीब 10:33 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। खिच्ची का आरोप है कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम रिछपाल खर्रा बताया और उन्हें विधायक गणेशराज बंसल तथा पूर्व सभापति सुमित रणवां की न्यायालय में पैरवी छोड़ने के लिए कहा। आरोप के मुताबिक, पैरवी छोड़ने से इनकार करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। खिच्ची ने यह भी आरोप लगाया कि कॉल करने वाले ने पुलिस प्रशासन और सरकार में अपनी पहुंच होने तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का खास व्यक्ति होने का दावा किया।
एसपी कार्यालय के बाहर दिया था धरना
घटना के बाद अधिवक्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अधिवक्ताओं का आरोप था कि पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया और पहले जांच की बात कही। मामले में सोमवार को अधिवक्ताओं का विरोध और तेज हो गया। न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के साथ पुलिसकर्मियों के न्यायालय परिसर में प्रवेश का विरोध किया गया। मुकदमे से संबंधित रिपोर्ट पेश करने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
अन्य बार संघों ने भी दिया समर्थन
बार संघ के समर्थन में जिले की अन्य बार संघों के अधिवक्ताओं ने भी न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। अधिवक्ताओं का कहना था कि किसी अधिवक्ता को कथित रूप से धमकी देकर किसी पक्ष की न्यायालय में पैरवी करने से रोकने का प्रयास गंभीर विषय है। अधिवक्ताओं ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे बढ़ाने की बात कही थी।
24 घंटे में कोर्ट में पेश करनी होगी एफआईआर की कॉपी
इसी बीच सोमवार शाम न्यायालय ने इस्तगासा पर रिछपाल खर्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। आदेश के अनुसार संबंधित पुलिस थाना को एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश करनी होगी। अब मामले में आगे की कार्रवाई दर्ज होने वाली एफआईआर और पुलिस जांच के आधार पर होगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
