41 वर्षों से चली आ रही परंपरा फिर होगी जीवंत, 7 अक्टूबर से रामलीला और 20 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव

हनुमानगढ़। स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की ओर से आयोजित होने वाले भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव की तैयारियों का रविवार शाम विधिवत शुभारंभ किया गया। हनुमानगढ़ जंक्शन की भट्टा कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में शाम 7:15 बजे भूमि पूजन, ध्वज पूजन और ध्वजारोहण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान समिति पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की रामलीला हनुमानगढ़ जिले की पुरानी रामलीला परंपराओं में शामिल है और पिछले 41 वर्षों से लगातार इसका मंचन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत माध्यम है, जिसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
विधि-विधान से हुआ भूमि और ध्वज पूजन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवा भारती के जिला अध्यक्ष पंडित बृज किशोर तिवाड़ी एवं सेवा भारती के संरक्षक श्याम सुंदर बंसल उपस्थित रहे। पंडित बृज किशोर तिवाड़ी ने विधि-विधान के साथ भूमि एवं ध्वज पूजन संपन्न करवाया। इसके बाद ध्वजारोहण कर आगामी आयोजन के सफल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण संयोजक सतीश जैन और प्रताप सिंह, डॉ. किशन स्वामी, पवन भोभिया, गोपाल पुरोहित, हरिकृष्ण शर्मा, बलजीत सिंह, गणेश सोलंकी, अमित तिवारी, विशाल सिंघल, प्रदीप गुप्ता, पवन सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समिति की ओर से अध्यक्ष गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित शर्मा, सचिव मानव तिवारी, कोषाध्यक्ष अमित सैन, उपकोषाध्यक्ष प्रभु सिंह मजोका, डायरेक्टर लिखमी बडगुजर सहित पदाधिकारी, कलाकार और कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवनशैली और सामाजिक मूल्यों से लोगों को जोड़ने का माध्यम भी है। समिति के कलाकारों ने इस वर्ष भी रामलीला के मंचन को आकर्षक और प्रभावशाली बनाने का भरोसा दिलाया।
4 अक्टूबर को सुंदरकांड, 7 से रामलीला
समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि 4 अक्टूबर को भव्य श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 7 अक्टूबर से रामलीला का मंचन शुरू होगा। इस दौरान कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत करेंगे। वहीं 20 अक्टूबर को हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के सामने स्थित दशहरा मैदान में भव्य दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस बार रामलीला मंचन में आधुनिक तकनीक, भव्य मंच सज्जा और सजीव अभिनय का प्रयोग किया जाएगा। समिति का प्रयास है कि दर्शकों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेश के साथ मंचन का यादगार अनुभव मिल सके। कार्यक्रम के समापन पर समिति की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
