चाणक्य कोचिंग संस्थान में कथित मारपीट और तोड़फोड़ का मामला, सभी संबंधित पक्षों के बयान व साक्ष्यों की जांच कराने की मांग


हनुमानगढ़। एफआईआर संख्या 185/2026 के मामले में निष्पक्ष जांच और नामजद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग को लेकर सर्व समाज, हनुमानगढ़ की ओर से महिला थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में 22 सितंबर 2026 को चाणक्य कोचिंग संस्थान के कार्यालय में कथित रूप से हुई मारपीट, तोड़फोड़, धमकी और अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 22 सितंबर को मोहन दुगेसर, नरेश पलथानिया, अनीषा सहित दो अन्य व्यक्ति एकराय होकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर चाणक्य कोचिंग संस्थान के कार्यालय में पहुंचे। आरोप के अनुसार, संस्थान में प्रवेश करने के बाद वहां मौजूद सरला देवी के साथ मारपीट एवं अश्लील हरकतें की गईं। वहीं, ज्ञापन में मोहन दुगेसर पर राज तिवाड़ी के साथ लोहे की रॉड से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है। सर्व समाज ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक घटनाक्रम सामने लाने की मांग की।
पूर्व शिकायत के बावजूद कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
ज्ञापन में कहा गया कि घटना के संबंध में पुलिस के समक्ष पूर्व में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद राज तिवाड़ी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाए जाने का आरोप लगाया गया। सर्व समाज की ओर से इस पूरे घटनाक्रम की जांच निष्पक्ष तरीके से किए जाने की मांग की गई, ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्टता हो सके। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रशिक्षण संस्थान के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया और कथित रूप से संस्थान को बंद करवाने का प्रयास किया गया। सर्व समाज ने कहा कि किसी भी शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश कर हंगामा, मारपीट, तोड़फोड़ अथवा भय का माहौल पैदा करने की शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए।
संस्थान के संचालक, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा की मांग
सर्व समाज ने पुलिस प्रशासन से प्रशिक्षण संस्थान में हुई कथित घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही संस्थान के संचालक, कर्मचारियों और वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन के माध्यम से एफआईआर संख्या 185/2026 में दर्ज आरोपों की निष्पक्ष जांच, सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने की मांग की गई। सर्व समाज ने कहा कि पुलिस कार्रवाई किसी भी पक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों, बयानों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। सर्व समाज ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
