

हनुमानगढ़, 3 अक्टूबर। महिलाओं के साहस, संघर्ष, त्याग और आत्मनिर्भरता को सम्मान देने के उद्देश्य से शनिवार को नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हनुमानगढ़ में जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित भू-अभिलेखागार में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, लाभार्थी एवं अधिकारी मौजूद रहे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत का इतिहास महिलाओं के साहस, वीरता, त्याग और बलिदान की अनेक प्रेरणादायक गाथाओं से भरा हुआ है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के कुशल प्रशासन और न्यायप्रियता, रानी लक्ष्मीबाई के साहस, सावित्रीबाई फुले के महिला शिक्षा के क्षेत्र में योगदान ने समाज को नई दिशा देने का काम किया।मुख्यमंत्री ने राजस्थान की वीर एवं प्रेरणादायक महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मीराबाई ने कृष्ण भक्ति और आध्यात्मिक साधना से राजस्थान की पहचान को गौरवान्वित किया। पन्नाधाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर स्वामीभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। हाड़ी रानी ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अद्वितीय साहस दिखाया, जबकि वीर बाला कालीबाई ने अपने गुरु की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। अमृता देवी ने पेड़ों और पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर प्रकृति संरक्षण की अनूठी मिसाल कायम की।
महिला सशक्तीकरण के लिए कई योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पिछले वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों में सहायता कर रही है। वहीं, महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहल भी की गई है।
राजस्थान में महिलाओं के लिए कई योजनाओं का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले पौने तीन वर्षों में महिलाओं के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये की गई है। मां वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी के लिए अब तक 5 लाख 74 हजार कूपन जारी किए जा चुके हैं। पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 लाख 85 हजार साइकिलों का वितरण किया गया है। कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटियां वितरित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को अब तक 8 हजार 866 करोड़ रुपये की पेंशन राशि दी जा चुकी है। वहीं, लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है।
1.22 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क सैनिटरी नैपकिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में हर वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य की करीब 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को हर माह 12 सैनिटरी नैपकिन निशुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि करीब 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया गया है।
लाभार्थी महिलाओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से संवाद किया और योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री लाभार्थी महिलाओं के बीच पहुंचे और उनसे आत्मीयता से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कई सौगातों का किया शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एनएचएम के तहत 60 एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबियां भी वितरित की गईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को मकानों की चाबियां सौंपी गईं। वहीं, 27 हजार से अधिक लाभार्थियों के खातों में 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 29 हजार 222 लाभार्थियों को 8.79 करोड़ रुपये की राशि भी डीबीटी के माध्यम से दी गई।
लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को ऋण
मुख्यमंत्री ने राजस्थान महिला निधि के तहत मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के अंतर्गत 3 हजार 274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। वित्तीय समावेशन के तहत 2 हजार 823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे गए। इसके अलावा 3 हजार 300 स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन राशि से लाभान्वित किया गया।
हनुमानगढ़ में बड़ी संख्या में महिलाएं और अधिकारी रहे मौजूद
जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, एडीएम उम्मेदी लाल मीना, जनप्रतिनिधि गुलाब सिंवर, राजीविका डीपीएम वैभव अरोड़ा, आईसीडीएस उप निदेशक प्रवेश सोलंकी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिलाएं और योजनाओं के लाभार्थी मौजूद रहे।
