को-पायलट के हमले में घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर ने अस्पताल से मोदी से की वीडियो कॉल पर बात, यात्रियों की जान बचाने के लिए घायल हालत में खोला कॉकपिट का दरवाजा

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट के कथित हमले के बाद विमान को संभावित हादसे से बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की। अबू धाबी के अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन मच्छर ने इस दौरान उस खौफनाक घटना के बारे में बताया, जब गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने के लिए कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि हमले के दौरान उन्हें कई चोटें आईं और वे कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें समझ आ गया था कि अगर उन्होंने खुद को संभालकर कोई कदम नहीं उठाया तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
मच्छर के मुताबिक, गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने खुद को उठाने की कोशिश की। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद कुछ यात्री और चालक दल के सदस्य अंदर पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान का नियंत्रण संभालने में अन्य पायलटों ने भी भूमिका निभाई। घटना के दौरान विमान काफी तेजी से नीचे गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान ने कुछ ही समय में करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई गंवाई। बाद में स्थिति नियंत्रण में आने के बाद उड़ान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां विमान की आपात लैंडिंग कराई गई।
17 साल का उड़ान अनुभव आया काम
कैप्टन स्मित मच्छर ने बताया कि उन्हें विमान उड़ाने का करीब 17 वर्षों का अनुभव है और वे 11 वर्षों से कप्तान के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव के कारण गंभीर परिस्थितियों के बीच भी उन्हें यह समझने में मदद मिली कि विमान के साथ क्या हो रहा है और उन्हें तत्काल क्या कदम उठाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान बताया कि मुश्किल वक्त में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। मच्छर ने कहा कि उस समय उन्हें विश्वास था कि ईश्वर ही उन्हें शक्ति दे रहे हैं।
PM मोदी ने की कैप्टन की बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी, सूझबूझ और संयम की सराहना की। मोदी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और कहा कि उनकी तत्परता और साहस ने कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर भावुक भी हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। मोदी ने उनके साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को उनके जैसे लोगों पर गर्व है।
हमले की जांच जारी
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुई थी। विमान में यात्रियों और चालक दल समेत 180 से अधिक लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया, जिसके बाद विमान अचानक नीचे जाने लगा। घटना के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने में मदद की। सऊदी अरब के तबुक में विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात सहित संबंधित एजेंसियों की ओर से की जा रही है। हमले के पीछे की वजह और घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं की जांच अभी जारी है। कैप्टन स्मित मच्छर की सूझबूझ और घायल होने के बावजूद उठाए गए निर्णायक कदम की दुनियाभर में सराहना हो रही है। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि विमानन क्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान चालक दल का अनुभव, धैर्य और त्वरित निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है।
