पीओपी और केमिकल फैक्ट्रियों से आबादी प्रभावित होने का आरोप, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग

हनुमानगढ़। औद्योगिक क्षेत्र के फर्स्ट फेज में बढ़ते प्रदूषण और कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मोर्चा खोल दिया है। माकपा तहसील कमेटी हनुमानगढ़ की ओर से सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के समक्ष धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान माकपा तहसील सचिव कामरेड बसंत सिंह ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की।
आबादी के नजदीक फैक्ट्रियों से प्रदूषण का आरोप
धरने को संबोधित करते हुए कामरेड शेर सिंह शाक्य ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया फर्स्ट फेज के आसपास खुंजा के वार्ड संख्या 1, 2, 3, 4 और 5 में बड़ी आबादी निवास करती है। उनके अनुसार आबादी के नजदीक पीओपी, केमिकल सहित अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियों की चिमनियां निर्धारित मानकों के अनुरूप ऊंचाई पर नहीं होने के कारण धुआं और अन्य प्रदूषक सीधे आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
धुआं और धूल से हाईवे पर दृश्यता प्रभावित होने का दावा
माकपा नेताओं ने खड़कावल फैक्ट्री, रामा उद्योग, तुषार उद्योग, काली इंडिया सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि हाईवे के समीप संचालित फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाली धूल के कारण कई बार सड़क पर दृश्यता प्रभावित होती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की बात कही गई। नेताओं ने पूर्व में ऐसे हादसों में लोगों की जान जाने का भी दावा किया।
अपशिष्ट पानी को लेकर भी उठाए सवाल
कामरेड रामेश्वर वर्मा ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट पानी की व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं कामरेड आत्मा सिंह ने कहा कि कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुद्ध किए बिना अन्य स्थानों की ओर छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। माकपा नेताओं के अनुसार कथित रूप से दूषित पानी के कारण पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचने और पर्यावरण प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्रियों से उड़ने वाला बारीक कचरा और प्रदूषित पदार्थ आसपास के घरों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
कामरेड बहादुर सिंह चौहान ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जानकारी मांगी कि अब तक कितनी फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए गए हैं, कितनी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और कितनी फैक्ट्रियों में अपशिष्ट पानी का नियमानुसार ट्रीटमेंट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुले में रासायनिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ डालने की शिकायतों पर भी तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। माकपा नेताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने के दौरान माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर चक्का जाम और सड़क जाम जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी। धरने में कामरेड सुल्तान खान, कामरेड वारिस अली, कामरेड गुर प्रेम सिंह, कामरेड मोहन लोहरा, कामरेड सुरेश शर्मा, प्रहलाद मरुआ, कामरेड शत्रोहन, कामरेड गुरमेल सिंह, कामरेड विनय, कामरेड खेमा सिंह, कामरेड नजर हुसैन, रामस्वरूप बागड़ी, कामरेड मदद अली सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
