पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित कर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी

हनुमानगढ़। सूरतगढ़ में राजस्व पटवारी देवीलाल के साथ कथित मारपीट और अवैध हिरासत में रखने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में राजस्व पटवार संघ ने रोष जताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष अमर दहिया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक, बीकानेर रेंज के नाम उपखंड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा दोषी पाए जाने वालों को निलंबित करने की मांग उठाई। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर राजस्व पटवारी कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेंगे। ज्ञापन के अनुसार, तहसील पीलीबंगा में कार्यरत पटवारी देवीलाल अपनी पत्नी को चिकित्सकीय जांच के लिए स्कूटी से सूरतगढ़ अस्पताल ले जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। पटवार संघ का आरोप है कि मौके पर मौजूद सूरतगढ़ थानाधिकारी कलावती और अन्य पुलिसकर्मियों ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार चालान करने के बजाय उन्हें कथित रूप से जबरन पकड़कर थाने पहुंचा दिया। संघ ने आरोप लगाया कि थाने में पटवारी देवीलाल को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और उनके साथ मारपीट व दुर्व्यवहार किया गया। पटवार संघ ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। संघ के मुताबिक, इस घटना से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है।
निष्पक्ष जांच और निलंबन की मांग
पटवार संघ ने पुलिस महानिरीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में थानाधिकारी कलावती सहित मामले में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग भी उठाई गई है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को जल्द उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि पीड़ित पटवारी को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में शीघ्र संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त राजस्व पटवारी कार्य बहिष्कार कर उग्र आंदोलन करेंगे। संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी पुलिस एवं जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष अमर दहिया, तहसील अध्यक्ष विनोद राव, सुरेश सहारण, रामरतन भारी, सुरेश स्वामी, संजना, मुकेश भारी, अनिल शर्मा सहित अन्य पटवारी एवं गिरदावर मौजूद रहे। मामले में लगाए गए आरोपों पर पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना शेष है।
