मांगें पूरी होने तक जीरो बिलिंग का ऐलान, देशी शराब से भरे ट्रक को गोदाम में उतारने से रोका; आबकारी विभाग के फैसले पर उठाए सवाल


हनुमानगढ़। जिले में 50 यूपी शराब का कोटा बढ़ाने के आबकारी विभाग के फैसले को लेकर शराब ठेकेदारों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। विभाग की ओर से 50 यूपी शराब का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के खिलाफ ठेकेदारों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। विरोध के दौरान ठेकेदारों ने देशी शराब से भरे ट्रक को गोदाम में खाली नहीं होने दिया। ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जीरो बिलिंग जारी रहेगी और देशी शराब से भरे ट्रकों को गोदाम में उतारने नहीं दिया जाएगा। लिकर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप तिवाड़ी ने कहा कि आबकारी विभाग का कोटा बढ़ाने का निर्णय शराब ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है। उन्होंने कहा कि जिले में देशी शराब की खपत को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में शराब उपलब्ध है। इसके बावजूद ठेकेदारों को जरूरत से अधिक देशी शराब लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इससे ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है।
जरूरत से अधिक स्टॉक मिलने पर जताई नाराजगी
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की ओर से निर्धारित कोटे के तहत उनकी वास्तविक जरूरत से अधिक देशी शराब उपलब्ध करवाई जा रही है। उनका कहना है कि शराब की आपूर्ति बाजार में होने वाली खपत और बिक्री के आंकड़ों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि अनावश्यक स्टॉक जमा न हो और ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। ठेकेदारों ने दो साल पुरानी देशी शराब उपलब्ध करवाए जाने के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि पुराने स्टॉक और बढ़े हुए कोटे के कारण उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। ऐसे में विभाग को ठेकेदारों की वास्तविक स्थिति, बाजार की मांग और बिक्री के आंकड़ों का आकलन करने के बाद ही कोटे से संबंधित निर्णय लेना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो जारी रहेगा विरोध
लगातार दूसरे दिन हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने अपनी मांगों पर अडिग रहने का संकेत दिया। प्रदीप तिवाड़ी ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जीरो बिलिंग की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके साथ ही देशी शराब से भरे किसी भी ट्रक को गोदाम में खाली नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भूपेंद्र सुड्डा, अंकुर गोदारा, विष्णु स्वामी, बलराज सिंह, पलविंद्र सिंह, अनुज रणवां, पवन खिचड़, मदन झोरड़, विनोद खिचड़ सहित अन्य शराब ठेकेदार मौजूद रहे।
उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएंगी समस्याएं
इधर, आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों की मांगों और समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही। हालांकि, कोटा बढ़ाने के फैसले को लेकर ठेकेदारों में नाराजगी बरकरार है। अब सभी की निगाहें उच्चाधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है।
