
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत चोहिलांवाली और उसके आसपास संचालित ईंट भट्ठों के खिलाफ ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पूर्व सरपंच रामविलास चोयल के नेतृत्व में विभिन्न गांवों के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भट्ठों पर अवैध गतिविधियों को रोकने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित पांच-छह ईंट भट्ठों के कारण वायु प्रदूषण गंभीर स्तर तक पहुंच गया है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। यहां तक कि एशिया के सबसे प्रदूषित स्थानों में इस क्षेत्र का नाम शामिल होने लगा है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
कृषि उपज मंडी समिति द्वारा किसानों की सुविधा के लिए मंडी टैक्स से बनाई गई लिंक रोड पर भारी ट्रकों का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सड़कों पर भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध के बावजूद भट्ठा मालिकों द्वारा ट्रकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भट्ठा संचालकों पर खेतों से अवैध रूप से मिट्टी ले जाने और खालों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है, जिससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। वहीं, सिंचाई के लिए किसानों द्वारा भरे गए पक्के खालों का पानी भी चोरी किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों ने शिकायत की कि भट्ठों पर काम करने वाली बाहरी मजदूरों द्वारा वन्य जीवों का शिकार किया जा रहा है। हिरण, खरगोश, तीतर और बटेर जैसे छोटे जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, मजदूरों द्वारा शराब पीकर उत्पात मचाने, तेज आवाज में संगीत बजाने और झगड़े करने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
भट्ठा मालिकों पर किसानों के शोषण का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सरसों का गुणा पहले 700 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाता था, लेकिन अब इसे 250 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। ईंटों के दाम अचानक बढ़ा दिए गए हैं, जबकि किसानों से गुणा कम दामों पर खरीदा जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि ईंटों की दर का 10% हिस्सा किसानों को गूणा के रेट के रूप में दिया जाए और न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया जाए। किसानों ने कहा कि मिट्टी परिवहन करते वक्त ओवरलोडिंग की वजह से ट्रैक्टर के आगे के दोनों पहिए हवा में रहते हैं जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती है |
31 मार्च 2025 को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भट्ठा मालिकों और ग्रामीणों के बीच सरसों गुणा के दाम 360 रुपये प्रति क्विंटल तय करने पर सहमति बनी थी। साथ ही, यह भी तय हुआ था कि अधिकतम मात्रा में ग्राम पंचायत के किसानों का गुणा खरीदा जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि भट्ठा मालिक एक दिन बाद ही समझौते से पीछे हट गए, जिससे किसानों में आक्रोश है।
पूर्व सरपंच रामविलास चोयल ने चेतावनी दी है कि जब तक न्यूनतम मूल्य तय नहीं किया जाता, ओवरलोडिंग बंद नहीं की जाती , सड़कों की रिपेयरिंग नहीं करवाई जाती , किसने की रोड पर ट्रैकों का आगमन बंद नहीं करवाया जाता तब तक वे मिट्टी, पानी और ईंटों के अवैध परिवहन को रोकते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और भट्ठों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने साफ किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े आंदोलन का रुख करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और भट्ठा मालिकों की होगी।
इस मौके पर किसान नेता रामविलास चोयल, पूर्व डायरेक्टर बलदेव शर्मा , पूर्व डायरेक्टर हरजीत सिंह, दयाशंकर तिवाड़ी , पूर्व चेयरमैन रामेश्वर चांवरीया, सुनील चोयल, चंद्रभान जाखड़, सिताराम गोदारा , सरपंच कुलदीप जाखड़, विकास जाखड़, शयोनारायण, राजेन्द्र , गगन, अमित, बनवारीलाल, विक्रम , प्रकाश महला, मांगीलाल शर्मा मौजूद थे
