
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत अमरपुरा थेड़ी के चक 6 एचएमएच में स्थित वार्ड नंबर 09 की आबादी भूमि पर अस्थायी रूप से संचालित हड्डा रोड़ी को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सरपंच रोहित स्वामी के नेतृत्व में जिला कलक्टर एवं उपखंड अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर हड्डा रोड़ी को आबादी क्षेत्र से तुरंत हटाने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि हड्डा रोड़ी लंबे समय से आबादी भूमि में अस्थायी रूप से संचालित की जा रही है, जबकि यह स्थान मृत पशुओं के निस्तारण के लिए उपयुक्त नहीं है। स्थानीयों का कहना है कि यहां लगातार मृत पशु डाले जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में असहनीय दुर्गन्ध फैलती है और वातावरण अस्वस्थ हो जाता है। बदबू के कारण आसपास रहने वाले परिवार काफी समय से परेशान हैं और यह समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि मृत पशुओं को डालने के कारण क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। आवारा कुत्तों के झुंड अक्सर लोगों पर हमला कर देते हैं और कई बार छोटे बच्चों को काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इससे संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हर समय चिंता बनी रहती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि हड्डा रोड़ी के मुद्दे को लेकर कुछ लोग झूठी अफवाह फैलाकर अनावश्यक राजनीतिक माहौल बना रहे हैं, जिससे गांव का सामंजस्य और शांति भंग हो रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा केवल जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा है, इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास गलत है और प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सरपंच रोहित स्वामी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आबादी भूमि में संचालित हड्डा रोड़ी को तत्काल प्रभाव से हटाकर आबादी क्षेत्र से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से ही बढ़ती समस्या का उचित समाधान संभव है। इस मौके पर मनजीत, दीवान सिंह, रमेश, बाबूलाल, प्यारो देवी, सरोज, जसवंत , नीतू देवी, निर्मला, मीनाक्षी स्वामी, सुखदेव सिंह, रेखा रानी, गोमती, रुक्मिणी देवी सतनाम सिंह भजन सिंह, शिवकुमार, बीरो बाई , विपिन स्वामी , रमेश ,कुशाल सिंह , सुरजीत सिंह, विनोद कुमार ,बृजलाल, राजाराम, सुरेंद्र स्वामी, दयालो बाई, सरजीत बाई व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
