
हनुमानगढ़। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के उपलक्ष में मंगलवार को समाजिक कल्याण एवं अधिकारिता विभाग तथा नवज्योति मूक बधिर एवं पुनर्वास संस्थान की ओर से जंक्शन स्थित भगत सिंह चौक पर भव्य लाइव पेंटिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए विशेष बच्चों ने अपनी अनूठी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों की क्षमताओं, आत्मविश्वास और कला के प्रति समर्पण को रेखांकित करता हुआ अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने शिरकत की। उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया, नगरपरिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपनिदेशक विक्रम सिंह शेखावत, समाजसेवी प्रो. सुमन चावला, श्री नीलकंठ सेवा प्रन्यास के संस्थापक एवं अध्यक्ष अश्विनी नारंग तथा विशेष महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पायल गुम्बर मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की कला, पेंटिंग कौशल, रंग संयोजन और कल्पनाशील प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर विशेष बच्चों ने सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों की यह प्रस्तुति न केवल भावनात्मक रूप से छू लेने वाली थी, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और समावेशी समाज की दिशा में एक प्रेरक प्रयास भी थी। इसके बाद बच्चों ने विभिन्न प्रकार की कलाकृतियाँ लाइव पेंटिंग के माध्यम से बनाकर अपनी रचनात्मकता का शानदार परिचय दिया।
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव एवं सचिव गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया ने स्वयं बच्चों के साथ बैठकर पेंटिंग बनाई और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन किसी भी प्रकार से कम नहीं हैं। उचित अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो ये बच्चे अपनी क्षमताओं से समाज के हर क्षेत्र में नई पहचान बना सकते हैं। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को न केवल मंच मिलता है बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है।
श्री नीलकंठ सेवा प्रन्यास के अध्यक्ष अश्विनी नारंग और समाजसेवी प्रो. सुमन चावला ने कहा कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी पूरे समाज की है। संस्था की ओर से विशेष बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन नवज्योति संस्थान के प्रबंध निदेशक भीष्म कौशिक ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने बताया कि संस्था वर्षों से मूक-बधिर एवं दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास संबंधी गतिविधियाँ संचालित कर रही है।
अंत में अतिथियों ने बच्चों की बनाए हुए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विशेष बच्चों की कला, आत्मविश्वास और ऊर्जा ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
