
हनुमानगढ़ और आसपास के इलाकों में 3 दिन की खिली धूप के बाद रविवार को फिर से धुंध छा गई। सुबह हल्की से मध्यम धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली और अधिकतम तापमान सामान्य के करीब बना रहा। मौसम वेबसाइटों के अनुसार, न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद आसमान साफ होने से रात में जमीन के पास नमी और ठंडक बढ़ जाती है। इसी कारण सुबह के समय धुंध बनने की संभावना रहती है। क्षेत्र में घने कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति फिर से बन रही है। अनुमान है कि अगले एक-दो दिन तक सुबह के समय ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है, जबकि दिन में हल्की धूप निकलती रहेगी।
यह मौसम फिलहाल रबी फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, हल्की धुंध और ठंडी हवाएं खेतों में नमी बनाए रखती हैं, जिससे गेहूं और सरसों जैसी फसलों को लाभ होता है। इससे सिंचाई का अंतराल भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है कि यदि रात के तापमान में तेजी से गिरावट आती है और पाला पड़ने की स्थिति बनती है, तो वे समय पर हल्की सिंचाई कर अपनी फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाएं।
